बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: सोलर सब्सिडी, कुशल युवा कार्यक्रम और क्रेडिट कार्ड योजना को मिली हरी झंडी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता मे हुई कैबिनेट की बैठक मे कई अहम फैसले लिए गए। राज्य सरकार ने युवाओं को रोजगार और कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने के लिए 'सात निश्चय-3' के अंतर्गत कुशल युवा कार्यक्रम को अगले 5 वर्षों के लिए बढ़ा दिया है....
Patna : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता मे कैबिनेट की बैठक हुई है। इस बैठक में दोनो डिप्टी सीएम समेत सभी विभाग के मंत्री मौजूद रहे। राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में 10 महत्वपूर्ण एजेंडो पर मुहर लगाई गई है। राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चार प्रमुख नगर निगमों—गयाजी, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और बिहारशरीफ में कंप्रेस्ड बायो-गैस (CBG) प्लांट स्थापित करने की मंजूरी दी है। इसके तहत इंडियन ऑयल (IOCL), गेल (GAIL), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को 25 वर्षों के लिए 10-10 एकड़ भूमि मुफ्त में उपलब्ध कराई जाएगी।
'सात निश्चय-3' के तहत कुशल युवा कार्यक्रम का विस्तार
युवाओं को रोजगार और कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने के लिए 'सात निश्चय-3' (दोगुना रोजगार-दोगुना आय) के अंतर्गत कुशल युवा कार्यक्रम को अगले 5 वर्षों (वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31) के लिए बढ़ा दिया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 430.08 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त, राज्य के निजी ITI संस्थानों की 50 प्रतिशत सीटों पर नामांकन अब बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा परिषद (BCECEB) के माध्यम से आयोजित किया जाएगा।
पीएम सूर्य घर योजना में राज्य सरकार देगी 20,000 तक की अतिरिक्त सब्सिडी
ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए बिहार कैबिनेट ने "प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना" के तहत राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत आवासीय उपभोक्ताओं को 10,000 प्रति किलोवाट और अधिकतम 20,000 तक की अतिरिक्त सब्सिडी डीबीटी (DBT) के माध्यम से सीधे बैंक खाते में दी जाएगी। इस योजना के लिए 1 वर्ष हेतु 1,000 करोड़ के बजट की स्वीकृति दी गई है।
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का विस्तार और 300 B.Ed कॉलेजों का कायाकल्प
उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए "बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना" को अगले 5 वर्षों (2026-27 से 2030-31) के लिए विस्तारित करते हुए चालू वित्तीय वर्ष के लिए ₹950 करोड़ की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और NCTE के दिशा-निर्देशों के अनुसार राज्य के लगभग 300 एकल (Stand-Alone) B.Ed. शिक्षक-शिक्षा संस्थानों को बहुविषयक डिग्री कॉलेजों (Multidisciplinary Colleges) में बदलने का निर्णय लिया गया है।
बिजली कंपनी में 221 नए पदों का सृजन और प्रशासनिक पुनर्नियोजन
राज्य की बिजली पारेषण प्रणाली को मजबूत करने के लिए बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (BSPTCL) में कार्यपालक अभियंता, सहायक कार्यपालक अभियंता, कनीय अभियंता और तकनीकी संवर्ग के कुल 221 नए पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है। वहीं, प्रशासनिक क्षेत्र में सामान्य प्रशासन विभाग के पूर्व विशेष सचिव श्री संजय कुमार (भा.प्र.से.) को सेवानिवृत्ति के पश्चात 1 वर्ष के लिए संविदा के आधार पर पुनर्नियोजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।