Bihar weather:बिहार में मौसम का मिजाज हुआ बेकाबू,, 20 जिलों में भारी बारिश और गरज-चमक, तेज़ बारिश और वज्रपात का अलर्ट, पटना के लोगों को गर्मी से नहीं मिलेगी राहत
Bihar weather: बिहार में मानसून की आमद के बावजूद लोगों को उमस भरी गर्मी से अब तक राहत नसीब नहीं हो सकी है...
Bihar weather: बिहार में मानसून की आमद के बावजूद लोगों को उमस भरी गर्मी से अब तक राहत नसीब नहीं हो सकी है। आसमान में बादलों की आवाजाही के बावजूद चिपचिपी गर्मी ने आम जनजीवन को बेहाल कर रखा है। राजधानी पटना में अहले सुबह झमाझाम बारिश हुई लेकिन उमस ने लोगों को बेहाल कर रखा है। मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि 5 और 6 जुलाई से पूरे राज्य में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ेगा। इसके साथ ही कई जिलों में भारी बारिश, मेघ गर्जन और वज्रपात की प्रबल संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह जारी की है।
मौसम विभाग की ओर से जिन 20 ज़िलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, उनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, सीतामढ़ी, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, पटना, अरवल, जहानाबाद, औरंगाबाद, नवादा, गया, नालंदा, बेगूसराय, शेखपुरा और लखीसराय शामिल हैं। इन ज़िलों में मौसम कभी भी करवट ले सकता है और तेज़ बारिश के साथ बिजली गिरने की घटनाएं सामने आ कती हैं।
हालांकि उत्तर-पूर्व और पूर्वी बिहार के ज़िलों के लिए फिलहाल कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है। राज्य के बाकी 18 ज़िलों में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। इसके बावजूद मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम से जुड़ी आधिकारिक सूचनाओं पर नज़र बनाए रखने की सलाह दी है, क्योंकि मानसून के दौरान मौसम का मिज़ाज पलभर में बदल सकता है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती परिसंचरण ऊंचाई के साथ दक्षिण की ओर झुका हुआ है और इसके और मजबूत होने के संकेत मिल रहे हैं। जैसे ही यह सिस्टम पूरी तरह सक्रिय होगा, बिहार में पुरवा हवा का प्रवाह तेज होगा, जिससे व्यापक और अच्छी बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनेंगी।
शनिवार को राजधानी पटना में मौसम का मिजाज मिला-जुला रहा। दिनभर आंशिक बादल छाए रहे, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में बारिश नहीं हुई। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि अब बादलों की सक्रियता बढ़ेगी और राज्य के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 5 और 6 जुलाई के दौरान कई जिलों में तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी है। ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, खेतों और पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें तथा सुरक्षित स्थानों पर रहें।
राज्य में मानसूनी गतिविधियां फिलहाल सक्रिय बनी हुई हैं। रुक-रुक कर हो रही बारिश और बादलों की आवाजाही के बीच अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज लगातार बदलता रहेगा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आ सकती है, वहीं वज्रपात के खतरे को देखते हुए सतर्कता बरतना बेहद जरूरी होगा।