RJD के पूर्व विधायक पप्पू खान पर ₹25,000 का इनाम! जानें क्यों तलाश रही पुलिस, क्या है पूरा मामला?

सैयद नौशादुन नबी उर्फ पप्पू खां बिहारशरीफ विधानसभा सीट से वर्ष 2000 में राजद के टिकट पर चुनाव जीतकर विधायक बने थे। इसके बाद वर्ष 2005 में फरवरी और अक्टूबर में हुए दोनों विधानसभा चुनावों में उन्होंने राजद उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा

Ex-RJD MLA Pappu Khan - फोटो : news4nation

Bihar News :  बिहारशरीफ के पूर्व राजद विधायक सैयद नौशादुन नबी उर्फ पप्पू खां की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जमीन धोखाधड़ी के मामले में करीब पांच महीने से फरार चल रहे पूर्व विधायक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस मुख्यालय ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। इस मामले में उनकी पत्नी आफरीन सुल्ताना भी आरोपी हैं और पुलिस के मुताबिक वह भी फरार चल रही हैं।


पुलिस के अनुसार, पप्पू खां और उनकी पत्नी के खिलाफ वेना थाना क्षेत्र में जमीन धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़ी प्राथमिकी दर्ज है। आरोप है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर एक जमीन की रजिस्ट्री आफरीन सुल्ताना के नाम कराई गई और बाद में जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया गया। शिकायतकर्ता ने दोनों पर जमीन के बदले एक करोड़ रुपये मांगने का भी आरोप लगाया है।


मामले में पुलिस दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। इससे पहले 23 अप्रैल को डीएसपी संजय कुमार जायसवाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने पप्पू खां के आवास पर छापेमारी की थी। हालांकि, छापेमारी के दौरान पूर्व विधायक और उनकी पत्नी दोनों घर पर नहीं मिले। इसके बाद से पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है।


क्या है जमीन का पूरा मामला?

शिकायत के मुताबिक, विवादित जमीन को शिकायतकर्ता ने 2021 में बनारसी प्रसाद से खरीदा था। आरोप है कि इसी जमीन की वर्ष 2022 में दोबारा आफरीन सुल्ताना के नाम रजिस्ट्री कराई गई। शिकायतकर्ता ने रजिस्ट्री में इस्तेमाल किए गए कागजात को फर्जी बताते हुए जमीन पर कब्जा करने की कोशिश का आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर दीवानी मुकदमा भी चल रहा है। पुलिस की प्रारंभिक जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की अनुमति दी गई और वर्ष 2026 में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की गई।


कौन हैं पप्पू खां और आफरीन सुल्ताना?

सैयद नौशादुन नबी उर्फ पप्पू खां बिहारशरीफ विधानसभा सीट से वर्ष 2000 में राजद के टिकट पर चुनाव जीतकर विधायक बने थे। इसके बाद वर्ष 2005 में फरवरी और अक्टूबर में हुए दोनों विधानसभा चुनावों में उन्होंने राजद उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा, लेकिन दोनों बार भाजपा के डॉ. सुनील कुमार से हार गए।


पप्पू खां की पत्नी आफरीन सुल्ताना भी बिहारशरीफ की चुनावी राजनीति में सक्रिय रही हैं। उन्होंने वर्ष 2010 में राजद के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा और दूसरे स्थान पर रहीं। वर्ष 2015 में जन अधिकार पार्टी (लोकतांत्रिक) के टिकट पर चुनाव लड़कर तीसरे स्थान पर रहीं। इसके बाद 2020 में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा और तीसरे स्थान पर रहीं। वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में राजद से टिकट नहीं मिलने के बाद आफरीन सुल्ताना ने पार्टी से अलग रुख अपनाते हुए जदयू के पक्ष में प्रचार किया था। हालांकि, उन्होंने जदयू की सदस्यता नहीं ली थी।