Patna Bikram News: पिपरा थाना पुलिस के खिलाफ भाकपा माले का प्रतिरोध मार्च,थानाध्यक्ष को बर्खास्त करने और FIR दर्ज करने की मांग

पटना के विक्रम में पिपरा थाना पुलिस के खिलाफ भाकपा माले ने प्रतिरोध मार्च निकाला। पुलिस छापेमारी के दौरान नदी में कूदने से दो लोगों की मौत का आरोप लगाते हुए थानाध्यक्ष को बर्खास्त करने की मांग की।

पटना जिले के बिक्रम में पिपरा पुलिस के कथित अत्याचार और आतंक के खिलाफ भाकपा माले के जिलाध्यक्षीय आह्वान पर उग्र प्रतिरोध मार्च का आयोजन किया गया। भाकपा माले प्रखंड सचिव मंटू यादव के नेतृत्व में निकाले गए इस मार्च में दर्जनों कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने भाग लिया। कार्यकर्ताओं ने पिपरा थानाध्यक्ष प्रिंस कुमार को तुरंत बर्खास्त करने और दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की जोरदार मांग की। यह प्रतिरोध मार्च विक्रम बाजार के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए नया पुल के पास पहुंचा, जहां यह एक नुक्कड़ सभा में बदल गया।


शराब के नाम पर पुलिसिया कार्रवाई में दो लोगों की मौत का आरोप

नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले नेता कॉमरेड शंकर पासवान ने घटना का विवरण देते हुए आरोप लगाया कि गत 4 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधिकारियों ने बेहरावां चकिया मुसहरी में शराब के नाम पर छापेमारी की थी। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों ने वहां की महिलाओं और पुरुषों के साथ बेहद बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया और उन्हें दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। पुलिस के इस खौफ और आतंक के कारण अपनी जान बचाने के लिए लोग नदी में कूद गए, जिसमें डूबने से दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।


केंद्र व राज्य सरकार पर गरीबों और शोषितों की आवाज दबाने का हमला

माले नेताओं ने राज्य की सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जब से केंद्र और बिहार में डबल इंजन की सरकार बनी है, तब से गरीबों पर अत्याचार लगातार बढ़ गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ सामंती और आपराधिक तत्व हावी हैं, तो दूसरी तरफ पुलिस की खाकी वर्दी का इस्तेमाल कर गरीबों की आवाज को दबाने का काम किया जा रहा है। बेकसूर और गरीब मुसहर समाज के लोगों पर पुलिसिया कहर इसी जनविरोधी नीति का प्रत्यक्ष उदाहरण है।


मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी

कार्यक्रम के अंत में भाकपा माले के नेताओं ने सरकार और पुलिस प्रशासन को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि पिपरा थानाध्यक्ष प्रिंस कुमार को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त नहीं किया गया और पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिला, तो भाकपा माले पूरे जिले में इससे भी बड़ा और व्यापक आंदोलन खड़ा करेगी। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि गरीबों की जान से खिलवाड़ करने वाले दोषी पुलिस अधिकारियों को सलाखों के पीछे पहुंचाए जाने तक यह संघर्ष रुकने वाला नहीं है।

बिक्रम से ऋषिकेश की रिपोर्ट