Green Village Campaign Patna: पतुत में बच्चों के बीच बंटे 150 पौधे, सुमित कुमार की 'ग्रीन विलेज' मुहिम की सराहना

पटना जिले के बिक्रम (पतुत) में 'ग्रीन विलेज' मुहिम के तहत सक्सेस विद क्लासेस के बच्चों के बीच 150 से अधिक पौधों का वितरण किया गया।सुमित कुमार ने शिक्षकों व छात्र-छात्राओं को पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प दिलाया।पेड़ बचाने वालों को सम्मान

बिक्रम के पतुत में पर्यावरण संरक्षण का संदेश, 150 से अधिक पौधों का वितरण- फोटो : Reporter

पटना जिले के बिक्रम प्रखंड स्थित पतुत में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सक्सेस विद क्लासेस कोचिंग संस्थान में 'ग्रीन विलेज' मुहिम के तहत 150 से अधिक पौधों का मुफ्त वितरण किया गया। इस दौरान युवाओं और छात्र-छात्राओं को पर्यावरण रक्षा के प्रति जागरूक करते हुए पौधों के सही देखभाल की जिम्मेदारी सौंपी गई।

सुमित और अमित कुमार की 'ग्रीन विलेज' मुहिम, दिया गया पर्यावरण संरक्षण का संदेश


ग्रीन विलेज अभियान के तहत सुमित कुमार एवं अमित कुमार लगातार पौधरोपण और वितरण का कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुमित कुमार ने कहा कि जीवन बचाने के लिए वृक्षारोपण बेहद आवश्यक है। उनका उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता, स्वच्छता, जल संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन के जरिए एक स्वच्छ व हरित भारत का निर्माण करना है।

पौधरोपण और पौधों को बचाने वालों को मिलेगा प्रशस्ति पत्र

कार्यक्रम के दौरान सुमित कुमार ने बच्चों और शिक्षकों को पौधों के संरक्षण के लिए संकल्प और शपथ दिलाई। उन्होंने घोषणा की कि जो लोग इन बांटे गए पौधों को बचाएंगे और उनका बेहतर रखरखाव करेंगे, उन्हें संस्था की ओर से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। कोचिंग के संचालक राहुल कुमार ने इस पहल की सराहना करते हुए सभी से पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने की अपील की।

शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने पौधा लगाकर लिया संरक्षण का संकल्प

इस मौके पर उपस्थित बांकुश कुमार, शिक्षक दीपक कुमार, अनिकेत कुमार, शिक्षिका अंजलि कुमारी एवं प्रिया कुमारी ने स्वयं एक-एक पौधा लगाकर उनकी देखभाल का संकल्प लिया। शिक्षकों ने बच्चों से अपील की कि वे अपने जीवन में कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं और परिवार, मित्रों व समाज को भी इस हरित अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित करें।

बिक्रम से ऋषिकेश कुमार की रिपोर्ट