भाजपा नेता मृत्युंजय तिवारी का तेजस्वी यादव पर तीखा हमला: कहा- बाढ़ राहत पर राजनीति कर रहे हैं आरजेडी नेता, खो देंगे विपक्ष का पद

बिहार में बाढ़ पर राजनीति शुरु हो गई है। नेता प्रतिपक्ष द्वारा बाढ़ पीडि़तो को समुचित राहत नहीं मिलने के आरोप पर बीजेपी नेता मृत्युंजय तिवारी ने पलटवार किया है। कहा है कि तेजस्वी और उनकी पार्टी बाढ़ राहत जैसे मुद्दे पर केवल ओछी राजनीति कर रही है...

तेजस्वी पर बरसे मृत्युंजय तिवारी- फोटो : नरोत्तम कुमार

Patna : बिहार में बाढ़ राहत और बचाव कार्यों को लेकर सियासत पूरी तरह से गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता मृत्युंजय तिवारी ने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता और बिहार विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब पूरा प्रदेश प्राकृतिक आपदा और बाढ़ की विभीषिका से जूझ रहा है, उस समय तेजस्वी यादव और उनकी पार्टी बाढ़ राहत जैसे संवेदनशील मुद्दे पर केवल ओछी राजनीति करने में जुटी हुई है।


आरजेडी की राजनीतिक स्थिति और 25 सीटों पर सिमटने पर साधा निशाना 

तेजस्वी यादव के राजनीतिक रवैये पर सवाल उठाते हुए मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि बिहार की जनता ने उनकी नीतियों को पूरी तरह नकार दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि तेजस्वी की गलत कार्यशैली के कारण ही उनकी पार्टी का जनाधार लगातार खिसका है और वे महज 25 सीटों पर सिमट कर रह गए हैं। तिवारी ने दावा किया कि जिस तरह से विपक्ष का गैर-जिम्मेदाराना रवैया बना हुआ है, आने वाले दिनों में तेजस्वी यादव के हाथ से नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी भी चली जाएगी।


'एनडीए जनप्रतिनिधियों ने दिया वेतन, तेजस्वी ने दिखाई संवेदनहीनता'

बाढ़ पीड़ितों की मदद का हवाला देते हुए भाजपा नेता ने कहा कि एनडीए के विधायकों और सांसदों ने अपनी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए अपना वेतन बाढ़ राहत कोष में समर्पित किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या संकट के समय विपक्ष और नेता प्रतिपक्ष का यह कर्तव्य नहीं बनता कि वे भी अपना वेतन बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास के लिए दान करें? उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव एक अत्यंत संवेदनहीन व्यक्ति हैं, जिनसे संकट के समय किसी सहायता की उम्मीद नहीं की जा सकती।


अपने ही विधानसभा क्षेत्र राघोपुर की उपेक्षा का लगाया आरोप 

मृत्युंजय तिवारी ने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव अपने ही निर्वाचन क्षेत्र के प्रति भी गंभीर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि राघोपुर की जनता ने उन्हें चुनकर विधानसभा भेजा, लेकिन जब वहां के लोग बाढ़ के संकट से घिरे हैं, तब भी तेजस्वी यादव धरातल पर जाकर लोगों की मदद करने में विफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र की जनता ने उन्हें जनप्रतिनिधि बनाया, वहां के लोगों को संकट में छोड़ देना उनकी उदासीनता और राजनीति- केंद्रित सोच को स्पष्ट रूप से उजागर करता है।


सम्राट चौधरी का दिया उदाहरण, सकारात्मक राजनीति करने की दी सलाह 

बातचीत के दौरान भाजपा नेता ने कहा कि आरजेडी नेतृत्व को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और सरकार के मंत्रियों से सीख लेनी चाहिए कि आपदा के समय किस तरह जमीन पर उतरकर राहत और बचाव कार्य संचालित किए जाते हैं। उन्होंने तेजस्वी यादव को सलाह दी कि वे बाढ़ पीड़ितों के नाम पर बयानबाजी करना बंद करें और जनता के बीच जाकर वास्तविक मदद पहुंचाएं, अन्यथा बिहार की जनता उन्हें राजनीति से पूरी तरह से बेदखल कर देगी।


नरोत्तम की रिपोर्ट