Liquor Ban : ‘बंद बाटे दारू बाकी सगरो बिकाता, एसपी से बेसी दरोगा कमाता’....गीत गाकर अब भाजपा विधायक ने शराबबंदी पर उठाये सवाल

Liquor Ban : बिहार में अब केवल विपक्ष ही नहीं सत्ता पक्ष के लोग भी शराबबंदी कानून की समीक्षा करने की मांग करने लगे हैं. अब भाजपा विधायक ने भी सवाल खड़े किये हैं......पढ़िए आगे

शराबबंदी पर सवाल - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर एक बार फिर सत्ता पक्ष के ही विधायक ने सवाल खड़े कर दिए हैं। लौरिया से भाजपा विधायक विनय बिहारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे बिहार में शराबबंदी की जमीनी हकीकत पर तंज कसते नजर आ रहे हैं। उन्होंने गाने के बोल और अपनी बातों के जरिए यह संदेश दिया है कि प्रदेश में शराबबंदी केवल कागजों पर है, जबकि हकीकत में इसकी उपलब्धता हर जगह बनी हुई है।

वीडियो में विनय बिहारी भोजपुरी अंदाज में गाते हुए कहते हैं, "बंद बाटे दारू बाकी सगरो बिकाता, एसपी से बेसी दरोगा कमाता, बताईं ये सरकार बिहार कहाँ जाता"। अपने इस गीत के माध्यम से उन्होंने सीधे तौर पर प्रशासन और पुलिस व्यवस्था पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि शराबबंदी के नाम पर पुलिस विभाग, विशेषकर निचले स्तर के अधिकारी, अवैध कमाई में जुटे हुए हैं।

विधायक विनय बिहारी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि गांव के हर चौकीदार को यह अच्छी तरह पता होता है कि किस इलाके में शराब बन रही है, कहाँ बिक रही है और कहाँ बेची जा रही है। उन्होंने एक पूरे 'सिस्टम' और 'सर्किल' के सक्रिय होने की बात कही, जो इस अवैध कारोबार को संरक्षण दे रहा है। उनके अनुसार, यह पूरी व्यवस्था सुनियोजित तरीके से चल रही है जिसमें आम जनता पिस रही है।

विनय बिहारी ने शराबबंदी से होने वाले दोहरे नुकसान की चर्चा करते हुए कहा कि एक तरफ सरकार को भारी राजस्व की हानि हो रही है, वहीं दूसरी तरफ आम जनता को भी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शराबबंदी का फायदा केवल उन लोगों को हो रहा है जो इस अवैध व्यापार के बीच में रहकर काली कमाई कर रहे हैं। विधायक का यह बयान बिहार सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना की विफलता की ओर इशारा करता है।

सत्ताधारी गठबंधन के विधायक द्वारा इस तरह का तीखा हमला नीतीश सरकार के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है। विधायक ने साफ तौर पर कहा कि जब तक इस 'सर्किल' को नहीं तोड़ा जाएगा और प्रशासन की मिलीभगत खत्म नहीं होगी, तब तक शराबबंदी का उद्देश्य सफल नहीं हो सकता। फिलहाल, विनय बिहारी का यह वीडियो राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है और विपक्ष को भी सरकार को घेरने का नया मुद्दा मिल गया है।