Sapno Ka Bharat 2047 Patna: बीजेपी के 'सपनों का भारत' कॉन्क्लेव में बोले स्टार्टअप फाउंडर्स- 'बिहार में नौकरी देने वाला बन रहा युवा'

पटना के लेमन ट्री में भाजपा एनआरआई सेल द्वारा 'सपनों का भारत 2047' कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और स्टार्टअप फाउंडर्स ने विकसित बिहार और युवाओं की भूमिका पर संवाद किया।

बीजेपी के 'सपनों का भारत' कॉन्क्लेव - फोटो : Reporter

राजधानी पटना के गांधी मैदान स्थित होटल लेमन ट्री में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सेवा एवं समर्पण को समर्पित "सेवा संकल्प अभियान" के अंतर्गत भाजपा बिहार एनआरआई सेल द्वारा "सपनों का भारत 2047" कॉन्क्लेव और "युवा संवाद" का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए एनआरआई सेल के संयोजक मनीष सिन्हा ने बताया कि यह आयोजन "युवाओं की बात, युवाओं के साथ" की भावना से किया गया है। इसमें युवाओं के बीच उद्यमिता, नवाचार, नेतृत्व, कौशल विकास और राष्ट्र निर्माण जैसे अहम मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई, ताकि बिहार के युवा 'विकसित भारत 2047' के संकल्प में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें।


2047 तक भारत को विकसित बनाने का लक्ष्य, युवाओं पर दारोमदार: संजय सरावगी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि प्रधानमंत्री को संवैधानिक पदों पर सेवा देते हुए 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं और उन्होंने पूरे देश के उत्थान के लिए काम किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें बिहार की सबसे बेहतर इंडस्ट्रियल पॉलिसी और यहां के अपार अवसर अहम योगदान देंगे। आने वाला भविष्य बिहार का है और राज्य के युवा ही इसे विकसित बनाएंगे। वहीं भाजपा प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने कहा कि देश का 'जेन जी' (Gen Z) लगातार नए इनोवेशन कर रहा है। आज बिहार का युवा केवल नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बन रहा है।

बिहार के सफल स्टार्टअप्स और एंटरप्रेन्योर्स ने साझा किए अनुभव

'सपनों का भारत' कार्यक्रम के दूसरे सत्र में बिहार के प्रमुख स्टार्टअप्स के संस्थापकों ने विकसित भारत और उद्यमिता पर अपने विचार रखे। रोडबेज़ (RodBez) के फाउंडर दिलखुश कुमार ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि कुछ बड़ा करने के लिए बड़ा सोचना होगा, रिस्क लेना होगा और संघर्ष करते हुए आगे बढ़ना होगा। वहीं 'तिरहुत वाला इनोवेशन' के अभिनव झा ने बताया कि उनका स्टार्टअप मखाना के नए प्रॉडक्ट्स बनाकर आज दुनिया के 12 देशों में काम कर रहा है। इसके साथ ही 'मखाना वाला' के फाउंडर श्रवण कुमार ने बताया कि कोरोना के बाद मखाना इंडस्ट्री में तेजी आई है और उन्होंने मखाना का रेस्टोरेंट मॉडल तैयार किया है। कार्यक्रम में 'हिप्रोटेक' के फाउंडर अभिषेक कुमार ने भी अपने अनुभव साझा किए।