TRE-4 पर BPSC की बड़ी सफाई, PT और Mains को लेकर अफवाहों पर विराम, ये नियम रहेगा बरकरार

TRE 4 Recruitment Exam: शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 को लेकर अभ्यर्थियों के बीच चल रही चर्चाओं और अफवाहों पर बिहार लोक सेवा आयोग ने स्थिति स्पष्ट की है। ..

TRE-4 पर BPSC की बड़ी सफाई- फोटो : reporter

TRE 4 Recruitment Exam: शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 को लेकर अभ्यर्थियों के बीच चल रही चर्चाओं और अफवाहों पर बिहार लोक सेवा आयोग ने स्थिति स्पष्ट की है। आयोग के सचिव हेमंत कुमार सिंह और परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह मौजूद रहे। इस दौरान परीक्षा नियंत्रक ने TRE-4 में PT और Mains यानी दो चरणों में परीक्षा कराने के फैसले को लेकर विस्तार से जानकारी दी।परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने कहा कि TRE-4 में प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा क्यों ली जा रही है, इसको लेकर कई तरह की बातें और अफवाहें सोशल मीडिया समेत अलग-अलग माध्यमों से फैलाई जा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार ऐसा पहला राज्य नहीं है, जहां शिक्षक भर्ती परीक्षा दो चरणों में कराई जा रही है।

राजेश कुमार सिंह ने कहा कि कई राज्यों में प्रतियोगी और शिक्षक भर्ती परीक्षाएं दो चरणों में आयोजित की जाती हैं। इसलिए TRE-4 में PT और Mains का प्रावधान कोई असामान्य व्यवस्था नहीं है।उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया में बदलाव के पीछे परीक्षा व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने की जरूरत का जिक्र किया। उन्होंने NEET-UG 2024 का भी उदाहरण दिया। परीक्षा नियंत्रक के अनुसार, वर्ष 2024 में NEET-UG परीक्षा को लेकर उठे विवादों के बाद राधाकृष्णन कमिटी का गठन किया गया था और कमिटी की ओर से दो चरणों वाली परीक्षा व्यवस्था का सुझाव दिया गया था।

उन्होंने यह भी बताया कि आर्थिक अपराध इकाई  की ओर से भीबिहार लोक सेवा आयोग को परीक्षा में दो चरणों की व्यवस्था अपनाने की बात कही गई थी। इसी संदर्भ में TRE-4 में PT और Mains को लेकर फैसला लिया गया है।TRE-4 में नेगेटिव मार्किंग को लेकर भी अभ्यर्थियों के बीच सवाल उठ रहे थे। इस पर परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि BPSC की परीक्षाओं में पहले से ही नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान रखा जाता रहा है।

उन्होंने कहा कि TRE-4 में भी नेगेटिव मार्किंग जारी रहेगी और इसमें बदलाव की फिलहाल कोई संभावना नहीं है। आयोग का मानना है कि गलत उत्तर देने पर अंक काटे जाने की व्यवस्था से परीक्षा में अनावश्यक अनुमान लगाकर उत्तर देने की प्रवृत्ति को नियंत्रित किया जा सकता है।परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि कई बार अभ्यर्थी बिना पूरी जानकारी के भी किसी विकल्प को चुन देते हैं और केवल तुक्का लगाकर सही उत्तर मिल जाने की स्थिति में चयन की संभावना बन जाती है। नेगेटिव मार्किंग ऐसी प्रवृत्ति को रोकने में मदद करेगी।

TRE-4 में PT और Mains को लेकर अभ्यर्थियों के बीच चल रही चर्चाओं के बीच BPSC की इस सफाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आयोग की ओर से यह स्पष्ट कर दिया गया है कि दो चरणों में परीक्षा कराने का निर्णय किसी अफवाह के आधार पर नहीं, बल्कि परीक्षा व्यवस्था को लेकर विचार-विमर्श और संबंधित सुझावों के आधार पर लिया गया है।इसी तरह नेगेटिव मार्किंग को लेकर भी आयोग का रुख स्पष्ट है। TRE-4 में अभ्यर्थियों को परीक्षा की तैयारी करते समय दो चरणों की प्रक्रिया और नेगेटिव मार्किंग को ध्यान में रखना होगा।BPSC अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी के बाद अब अभ्यर्थियों की नजर परीक्षा के विस्तृत नोटिफिकेशन, सिलेबस और अन्य आधिकारिक निर्देशों पर रहेगी।

रिपोर्ट- नरोत्तम कुमार सिंह