बिहार पावर होल्डिंग कंपनी का बड़ा फैसला: कामचोर और लापरवाह कंपनियों की खैर नहीं, ऊर्जा सचिव ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी!

बिहार में बिजली ट्रांसमिशन की परियोजनाओं को रफ्तार देने के लिए ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह ने बीएसपीटीसीएल की समीक्षा बैठक में कड़े तेवर दिखाए हैं। उन्होंने दो टूक कहा है कि समय सीमा और गुणवत्ता से समझौता करने वाली एजेंसियों को बख्शा नहीं जाएगा।

Patna - ऊर्जा विभाग के सचिव और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक मनोज कुमार सिंह (भा.प्र.से.) ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (बीएसपीटीसीएल) की परियोजनाओं की गहन समीक्षा की। इस बैठक में बीएसपीटीसीएल के मुख्यालय व क्षेत्रीय पदाधिकारियों के साथ-साथ निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

गुणवत्ता और समयसीमा सर्वोपरि 

बैठक के दौरान ऊर्जा सचिव ने स्पष्ट लहजे में कहा कि गुणवत्ता मानकों की अनदेखी और कार्य में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि जो कंपनियां निर्धारित समयसीमा के भीतर काम पूरा नहीं करेंगी, उनके विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। सभी एजेंसियों को तकनीकी मानकों और स्वीकृत विनिर्देशों के अनुसार ही कार्य निष्पादन सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है।

MD ने दिए सख्त निर्देश 

समीक्षा के दौरान बीएसपीटीसीएल के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार (भा.प्र.से.) ने जोर देकर कहा कि परियोजनाओं की गुणवत्ता में कोई भी समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी करने और साप्ताहिक आधार पर समीक्षा करने का निर्देश दिया ताकि प्रगति का सटीक आकलन हो सके।

10 दिनों के भीतर होगा बिलों का भुगतान 

कार्यरत एजेंसियों को बड़ी राहत देते हुए यह निर्देश दिया गया कि कार्य पूर्ण होने के बाद प्रस्तुत किए गए बिलों का भुगतान अधिकतम दस दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए। इसका उद्देश्य परियोजनाओं की गति को बनाए रखना है ताकि वित्तीय बाधाओं के कारण विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की रुकावट न आए।