बिहार परिवहन का कमाल: BSRTC की 'पिंक बस पहल' को मिला प्रतिष्ठित 108वां स्कॉच अवार्ड, जानें क्या है खास

बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) की 'पिंक बस पहल' को 108वें स्कॉच सम्मेलन में 'SKOCH Award' से नवाजा गया है। 100 से अधिक महिला कंडक्टरों, सीसीटीवी और पैनिक बटन से लैस इन बसों ने महिला सुरक्षा और रोजगार के क्षेत्र में नया मुकाम हासिल किया है।

BSRTC की 'पिंक बस पहल' को मिला प्रतिष्ठित 108वां स्कॉच अवार्ड- फोटो : news 4 nation

बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) ने सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। प्रतिष्ठित 108वें स्कॉच शिखर सम्मेलन (108th SKOCH Summit) के दौरान BSRTC को उसकी अभूतपूर्व 'पिंक बस पहल' (Pink Bus Initiative) के लिए 'स्कॉच अवार्ड' से सम्मानित किया गया है। 'विकसित भारत' के दृष्टिकोण को प्राप्त करने के लिए आवश्यक नियामक ढांचे और शासन सुधारों पर आयोजित इस समिट में BSRTC के प्रशासक श्री अतुल कुमार वर्मा ने भाग लिया। यह पुरस्कार बिहार में महिलाओं के लिए एक सुरक्षित, अधिक समावेशी और महिला-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की दिशा में निगम के क्रांतिकारी प्रयासों को मान्यता देता है।


महिला सशक्तिकरण को नई उड़ान: 100 से अधिक महिला कंडक्टर तैनात, अब ड्राइवरों की तैयारी

BSRTC की यह पिंक बस पहल न केवल महिलाओं को सुरक्षित सफर का भरोसा दे रही है, बल्कि उनके लिए रोजगार के नए द्वार भी खोल रही है। इस योजना के तहत सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए अब तक 100 से अधिक महिला कंडक्टरों को सफलतापूर्वक तैनात किया जा चुका है। इसके साथ ही, निगम अब बड़े पैमाने पर महिला ड्राइवरों की भर्ती, प्रशिक्षण और उनके कौशल विकास (Skilling) पर सक्रिय रूप से काम कर रहा है। यह कदम परिवहन क्षेत्र के पारंपरिक ढांचे को तोड़ते हुए महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित हो रहा है।

सुरक्षा और सुविधाओं का बेजोड़ संगम: सीसीटीवी और पैनिक बटन से लैस हैं पिंक बसें

महिला यात्रियों के सफर को पूरी तरह सुरक्षित और गरिमामय बनाने के लिए इन पिंक बसों को अत्याधुनिक तकनीकों और महिला-केंद्रित सुविधाओं से लैस किया गया है। बसों के भीतर सुरक्षा की कमान मजबूत करने के लिए सीसीटीवी (CCTV) निगरानी प्रणाली और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 'पैनिक बटन' (Panic Buttons) लगाए गए हैं। इसके अलावा, महिला यात्रियों की सुविधा और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए बसों के अंदर ही सैनिटरी वेंडिंग मशीनें और अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान की गई हैं, जो यात्रा के अनुभव को सुखद और तनावमुक्त बनाती हैं।


सामाजिक बदलाव की ओर बढ़ते कदम: लैंगिक समानता और सुरक्षित गतिशीलता के प्रति प्रतिबद्धता

इस प्रतिष्ठित सम्मान को प्राप्त करने के बाद, प्रशासक श्री अतुल कुमार वर्मा ने स्कॉच ग्रुप के प्रति आभार व्यक्त किया और इस पुरस्कार को पूरी BSRTC टीम को समर्पित किया, जिनके निरंतर प्रयासों से सार्वजनिक परिवहन में नवाचार को बढ़ावा मिल रहा है। यह मान्यता रेखांकित करती है कि BSRTC प्रगतिशील और सामाजिक रूप से प्रभावशाली परिवहन समाधानों को अपनाने में सबसे आगे रहा है। यह पहल बिहार में लैंगिक समानता (Gender Equity), आर्थिक सशक्तिकरण और टिकाऊ शहरी गतिशीलता (Sustainable Urban Mobility) को बढ़ावा देने के साथ-साथ राज्य भर में सुरक्षित और सुलभ परिवहन सेवाएं सुनिश्चित करने के संकल्प को और मजबूत करती है।