भाई संभाल रहे जिले की कमान, अब बहन बनेगी अफसर! बीपीएससी परीक्षा में इस एसपी की बहन ने गाड़े झंडे, देखें रैंक
BPSC 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में सिवान के एसपी पूरन कुमार झा की बहन सपना झा ने 120वीं रैंक हासिल कर बड़ी सफलता पाई है। रेलवे कर्मी पिता की बेटी सपना का बचपन उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन कड़ी मेहनत से उन्होंने यह मुकाम हासिल किया।
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के परिणाम घोषित होते ही सफलता की कई शानदार कहानियां सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में, बिहार के सिवान जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) पूरन कुमार झा की बहन सपना झा ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए बाजी मारी है। सपना झा जिनका रोल नंबर 385045 ने अपनी कड़ी मेहनत और बेहतरीन रणनीति के बदौलत पूरे राज्य में 120वां स्थान (मेरिट सीरियल 201) हासिल कर प्रशासनिक सेवा का टिकट कटाया है। इस बड़ी सफलता की खबर मिलते ही उनके पूरे परिवार और मित्रों में उत्साह का माहौल है।
साधारण परिवार से सिविल सेवा का सफर: रेलवे कर्मी पिता की संतानों ने गाड़े झंडे
दस्तावेज़ से प्राप्त पारिवारिक विवरण के अनुसार, सपना झा का पालन-पोषण एक बेहद अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ माहौल में हुआ है। उनके पिता निर्भय नारायण झा भारतीय रेलवे में तकनीशियन के पद पर कार्यरत हैं। पिता की रेलवे में पोस्टिंग होने के कारण सपना और उनके भाई का बचपन मुख्य रूप से राजस्थान के सवाई माधोपुर में बीता। पिता के कार्य और बच्चों की शिक्षा में लगातार बदलाव होने के बावजूद, इस परिवार ने हार नहीं मानी। इस गतिशील परिवेश में रहने के कारण ही उन्होंने सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्था की जमीनी समस्याओं को बहुत नजदीक से समझा, जो अंततः उनकी इस बड़ी सफलता का आधार बनी। विदित हो कि झा परिवार मूल रूप से बिहार के मधुबनी जिले के रहिका गाव का मूल निवासी है।

भाई संभाल रहे जिले की कमान, तो बहन अब संभालेगी प्रशासनिक व्यवस्था
इस शानदार परिणाम के बाद झा परिवार के आंगन में खुशियों की दोहरी बौछार हुई है। एक तरफ जहां बड़े भाई पूरन कुमार झा भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी के रूप में वर्तमान में सिवान जिले के पुलिस कप्तान (SP) के रूप में कानून-व्यवस्था संभाल रहे हैं, वहीं अब उनकी छोटी बहन सपना झा भी बिहार सरकार के तहत शीर्ष अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं देने जा रही हैं। एक ही मध्यवर्गीय परिवार से दो-दो शीर्ष अधिकारियों का निकलना इस बात का साक्षात प्रमाण है कि सही दिशा और दृढ़ संकल्प के आगे परिस्थितियां कभी आड़े नहीं आती हैं।

कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प की मिसाल: युवाओं के लिए बनीं प्रेरणास्रोत
सपना झा की यह 120वीं रैंक उन तमाम अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ी मिसाल और प्रेरणा है जो लगातार स्थानांतरण या संसाधनों के उतार-चढ़ाव भरे माहौल में पढ़ाई करते हैं। उनके बचपन के संघर्षों और समाज के प्रति उनकी गहरी समझ ने उनके निर्णयों और उत्तरों को एक नई परिपक्वता दी। परीक्षा परिणाम आने के बाद सोशल मीडिया पर भी सिवान एसपी पूरन कुमार झा और उनकी बहन सपना झा को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है, और लोग इस भाई-बहन की जोड़ी की सफलता की जमकर सराहना कर रहे हैं।
रिपोर्ट - ताबिश इरशाद