Bihar Politics:बिहार विधानसभा में खजाने पर सियासी टकराव, तेजस्वी का वार-कर्ज में डूबा बिहार, NDA का पलटवार-खजाना खाली नहीं

Bihar Politics: बिहार विधानसभा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार के विश्वास मत पर चर्चा के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच खजाने को लेकर जोरदार सियासी टकराव देखने को मिला।

बिहार में खजाने पर सियासी युद्ध- फोटो : social Media

Bihar Politics: बिहार विधानसभा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार के विश्वास मत पर चर्चा के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच जोरदार सियासी टकराव देखने को मिला। सदन में आर्थिक हालात और विकास के संसाधनों को लेकर बहस इतनी गरमाई कि पूरा माहौल तीखी नोकझोंक में बदल गया। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि बिहार पर करीब 4 लाख करोड़ रुपये का भारी कर्ज है और पेंशन जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए भी पर्याप्त धन नहीं बचा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब खजाना ही खाली है तो विकास कार्य कैसे होंगे और सरकार का स्पष्ट विजन क्या है।तेजस्वी ने यह भी कहा कि विपक्ष सरकार का विरोध सिर्फ राजनीतिक कारणों से नहीं कर रहा, बल्कि जनता के हितों को देखते हुए सवाल उठा रहा है। उन्होंने सत्ता पक्ष पर यह आरोप भी लगाया कि बिहार की आर्थिक स्थिति को लेकर स्थिति साफ नहीं की जा रही है।

इसके जवाब में उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने जोरदार पलटवार करते हुए विपक्ष के सभी आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि “न खजाना खाली है, न ही किसी तरह की आर्थिक दिक्कत है।” उनके मुताबिक राज्य सरकार के पास विकास कार्यों के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं और किसी भी योजना पर रोक नहीं लगेगी।

उपमुख्यमंत्री विजेंद्र यादव ने यह भी कहा कि बिहार में विकास की गति बनी रहेगी और किसी भी परियोजना में धन की कमी बाधा नहीं बनेगी। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि बिना तथ्य के भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।

सदन में इस बहस के दौरान माहौल कई बार गरमा गया, लेकिन सत्ता पक्ष ने अपने आर्थिक दावे मजबूती से रखे और यह संदेश देने की कोशिश की कि राज्य की वित्तीय स्थिति नियंत्रण में है।

विधानसभा में यह बहस सिर्फ आंकड़ों की नहीं, बल्कि राजनीतिक विश्वास और विकास के दावों की सीधी टक्कर बन गई जहां एक ओर कर्ज का सच बताया गया, तो दूसरी ओर खजाने की मजबूती का दावा किया गया।