भवन निर्माण विभाग में 'मरणशील' घोषित हुआ यह विशेष पद, अब भविष्य में नहीं होगी कोई नई बहाली

बिहार सरकार ने भवन निर्माण विभाग में एक विशेष संवर्ग को 'मरणशील' घोषित करते हुए उसकी नई नियुक्तियों पर रोक लगा दी है। अब इन पदों के रिक्त होने पर उन्हें सामान्य लिपिक संवर्ग में बदल दिया जाएगा, जिससे प्रशासनिक ढांचे में एकरूपता आएगी।

भवन निर्माण विभाग का बड़ा फैसला- फोटो : gemini

Patna - : बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग ने एक महत्वपूर्ण संवर्ग को लेकर बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। वित्त विभाग के परामर्श और राज्य वेतन आयोग की अनुशंसा के आधार पर इस विशिष्ट संवर्ग को अब 'मरणशील' (Dying Cadre) घोषित कर दिया गया है । सरकार के संयुक्त सचिव अवधेश नंदन सिन्हा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस श्रेणी में अब भविष्य में कोई नई नियुक्ति नहीं की जा सकेगी 

रिक्त पदों का सामान्य संवर्ग में होगा विलय 

नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, इस संवर्ग के जो भी पद वर्तमान में खाली हैं, उन्हें सामान्य लिपिकीय संवर्ग के पूल में स्थानांतरित कर दिया जाएगा । इसका उद्देश्य विभिन्न प्रशासनिक पदनामों को समाप्त कर एक एकीकृत कार्यबल तैयार करना है । आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि भंडारपाल और पत्राचार लिपिक जैसे पदों के साथ अब इस विशिष्ट पद को भी सामान्य निम्नवर्गीय या उच्चवर्गीय लिपिक के रूप में ही जाना जाएगा 

कार्यरत कर्मियों की सेवा पर नहीं पड़ेगा असर 

सरकार ने यह साफ कर दिया है कि वर्तमान में इस संवर्ग के पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को तुरंत स्थानांतरित या विलीन नहीं किया जाएगा । यह मरणशील नियम केवल रिक्तियों पर लागू होगा । आदेश में उल्लेख है कि जब भी कोई वर्तमान कर्मी सेवानिवृत्त होगा या किसी अन्य कानूनी प्रक्रिया से पद रिक्त होगा, तभी उस स्थान को सामान्य लिपिक संवर्ग का हिस्सा माना जाएगा 

2016 के प्रभाव से लागू होगा नया नियम 

यह पूरी प्रक्रिया और वेतन संरचना में बदलाव को 01 जनवरी 2016 के प्रभाव से लागू माना गया है । विभाग का मानना है कि इस कदम से मैनपावर का प्रबंधन बेहतर होगा और वेतन विसंगतियों को दूर करने में मदद मिलेगी । प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कार्यरत बल के स्थानांतरण का कोई निर्णय नहीं लिया गया है, बल्कि केवल भविष्य की नियुक्तियों के ढांचे को बदला गया है 

अधिकारियों को कड़ी निगरानी का निर्देश 

भवन निर्माण विभाग के संयुक्त सचिव ने सभी अधीक्षण अभियंताओं को इन संशोधित निर्देशों का दृढ़ता के साथ अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है । पूर्व में जारी निर्देशों में परिमार्जन करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे केवल रिक्त पदों के विलय संबंधी कार्रवाई ही सुनिश्चित करें । इस फैसले से विभाग की प्रशासनिक कार्यप्रणाली में एक बड़े बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है