वर्दी वही, सोच नई:कोसी रेंज में नई मुहिम,भय की जगह भरोसे की नई पहल

कोसी डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने पब्लिक फ्रेंडली अभियान की शुरुआत की है।अब फरियाद लेकर आने वाले बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चों को पानी और बिस्किट देकर सम्मान के साथ उनकी समस्या सुनी जा रही है।

Same uniform new thinking New campaign in Kosi
वर्दी वही, सोच नई:कोसी रेंज में नई मुहिम- फोटो : news 4 nation

सहरसा सहित पूरे कोसी रेंज में पुलिसिंग का एक नया और मानवीय चेहरा सामने आ रहा है। कोसी डीआईजी डॉ. कुमार आशीष की इस अनूठी पहल के बाद अब आम जनता के मन से पुलिस का खौफ धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। अब जब भी कोई फरियादी अपनी समस्या लेकर थाने पहुँचता है, तो उसे डराने वाले चेहरे नहीं, बल्कि मदद के लिए तैयार मुस्कुराहटें मिलती हैं। इस बदलाव ने थानों के माहौल को पूरी तरह से बदल दिया है।

सम्मान के साथ जनसुनवाई: पानी और बिस्किट से स्वागत

इस अभियान के तहत थानों में आने वाले बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के प्रति विशेष संवेदनशीलता बरती जा रही है। डीआईजी के निर्देशानुसार, फरियादियों को बैठने के लिए सम्मानजनक स्थान दिया जाता है और उनकी बात सुनने से पहले उन्हें पानी और बिस्किट दिए जाते हैं। यह छोटी सी शुरुआत आम लोगों के मन में यह विश्वास जगा रही है कि पुलिस उनकी दुश्मन नहीं, बल्कि समाज की रक्षक और मित्र है।

डीआईजी का स्पष्ट संदेश: जनता से भरोसा, अपराधियों में खौफ

डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने इस मुहिम के पीछे का उद्देश्य साफ कर दिया है। उनका मानना है कि पुलिस और जनता के बीच की दूरी को केवल आपसी भरोसे से ही कम किया जा सकता है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि— “सख्ती अपराधियों पर और नरमी आम जनता पर” होनी चाहिए। इस नई सोच का उद्देश्य पुलिसिंग को अधिक पारदर्शी और "पब्लिक फ्रेंडली" बनाना है ताकि कोई भी पीड़ित बिना किसी हिचकिचाहट के अपनी बात कह सके।

चर्चा का विषय बनी नई पहल: समाज में मिल रही सराहना

कोसी रेंज में पुलिस की यह "नई सोच" अब हर तरफ चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस कदम की सराहना करते हुए इसे आधुनिक पुलिसिंग की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया है। लोग अब इसे "मित्र पुलिसिंग" के रूप में देख रहे हैं, जहाँ वर्दी का खौफ नहीं बल्कि सुरक्षा का अहसास प्रमुख है। इस पहल से न केवल पुलिस की छवि सुधरी है, बल्कि अपराध नियंत्रण में भी जनता का सहयोग बढ़ने की उम्मीद है।