Patna High Court:आधी सदी की वकालत का जलवा, कैट एडवोकेट जी.के. अग्रवाल को मिला खास सम्मान, तालियों से गूंज उठा सभागार

Patna High Court:वरिष्ठ अधिवक्ता जी.के. अग्रवाल की वकालत के पचास साल पूरे होने पर उन्हें शानदार अंदाज़ में सम्मानित किया गया।

आधी सदी की वकालत का जलवा- फोटो : reporter

Patna High Court: पटना के केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) में उस वक्त एक बेहद यादगार और जज़्बाती मंज़र देखने को मिला, जब वरिष्ठ अधिवक्ता जी.के. अग्रवाल की वकालत के पचास साल पूरे होने पर उन्हें शानदार अंदाज़ में सम्मानित किया गया। कानून की दुनिया में आधी सदी तक अपनी काबिलियत, ईमानदारी और लगन से पहचान बनाने वाले एडवोकेट अग्रवाल के सम्मान में आयोजित इस समारोह ने पूरे माहौल को ख़ुशी और फख्र से भर दिया।

कैट पटना के अध्यक्ष व वरिष्ठ अधिवक्ता एम.पी. दीक्षित ने इस मौके पर जी.के. अग्रवाल को माला, शॉल, बुके और अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया। जैसे ही उन्हें सम्मानित किया गया, सभागार तालियों की गूंज से भर उठा। बड़ी तादाद में मौजूद अधिवक्ताओं और गणमान्य लोगों ने उन्हें दिल से मुबारकबाद दी और उनके बेहतर सेहत व उज्ज्वल भविष्य की दुआएं कीं।

समारोह में मौजूद अधिवक्ताओं ने कहा कि जी.के. अग्रवाल ने अपनी मेहनत, काबिलियत और सादगी से वकालत की दुनिया में एक खास मुकाम हासिल किया है। उन्होंने कई अहम मुकदमों में अपनी दलीलों और कानून की गहरी समझ से न्याय की राह को मजबूत किया। यही वजह है कि आज उन्हें न सिर्फ एक बेहतरीन वकील बल्कि कानून के क्षेत्र में एक मिसाल के तौर पर देखा जाता है।

इस स्वागत समारोह में विशेष रूप से मौजूद अधिवक्ता संजीव कुमार मिश्रा ने एडवोकेट जी.के. अग्रवाल, जो भाजपा प्रदेश कार्य समिति के सदस्य भी हैं, को अंगवस्त्रम भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि अग्रवाल साहब का सफर नई पीढ़ी के वकीलों के लिए एक प्रेरणा है।

गौरतलब है कि 9 मार्च 1976 को जी.के. अग्रवाल ने वकालत के पेशे में अपना कदम रखा था। तब से लेकर आज तक उन्होंने कानून के मैदान में अपनी मजबूत पहचान कायम रखी है।

इस खास मौके पर कैट पटना बेंच के एचओडी जस्टिस नरेन्द्र कुमार, कैट के प्रशासनिक सदस्य कुमार राजेश चंद्र, पटना हाईकोर्ट के एएसजी डॉ. के.एन. सिंह, कैट के सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल तारकेश्वरनाथ ठाकुर और अधिवक्ता हरेंद्र प्रसाद सिंह समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। समारोह में उनकी पत्नी गायत्री अग्रवाल और परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे, जिससे यह पल और भी यादगार बन गया।