जूट किसानों के लिए मोदी सरकार का बड़ा तोहफा: MSP में की भारी बढ़ोतरी, बिहार के लाखों किसानों को मिलेगा सीधा लाभ!

जूट की खेती करने वाले बिहार के लाखों किसानों के लिए केंद्र सरकार ने खुशियों का पिटारा खोल दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कच्चे जूट के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में ₹275 प्रति क्विंटल की बड़ी बढ़ोतरी को मंजू

Patna - : केंद्र सरकार ने जूट उत्पादक किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए कच्चे जूट के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में ₹275 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक कार्य मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में लिए गए इस फैसले से पश्चिम बंगाल के बाद देश के दूसरे सबसे बड़े जूट उत्पादक राज्य बिहार के किसानों को अपनी फसल का अब तक का सबसे बेहतरीन दाम मिलेगा।

₹5,925 हुआ नया MSP, लागत पर 61.8% का मुनाफा

विपणन सत्र 2026-27 के लिए कच्चे जूट (TD-3 ग्रेड) का न्यूनतम समर्थन मूल्य अब 5,925 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। यह राशि पिछले सत्र (2025-26) की तुलना में 275 रुपये अधिक है। सरकार के इस फैसले से किसानों को उनकी औसत उत्पादन लागत पर 61.8% का सीधा लाभ सुनिश्चित होगा, जो स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों (लागत का 1.5 गुना) के अनुरूप है।

2014 के मुकाबले 2.5 गुना बढ़ी कीमतें

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, साल 2014-15 में कच्चे जूट का MSP महज 2,400 रुपये प्रति क्विंटल था, जो अब 2026-27 में बढ़कर 5,925 रुपये हो गया है। पिछले 12 वर्षों में जूट की कीमतों में 3,525 रुपये (लगभग 2.5 गुना) की भारी वृद्धि हुई है। इसके साथ ही, 2014 से 2026 के बीच किसानों को कुल 1,342 करोड़ रुपये का MSP भुगतान किया गया है, जो पिछली सरकारों की तुलना में करीब तीन गुना अधिक है।

बिहार: जूट उत्पादन में देश का दूसरा बड़ा केंद्र

भारत दुनिया का सबसे बड़ा कच्चा जूट उत्पादक देश है, और इसमें बिहार की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। देश के कुल उत्पादन का 99% हिस्सा पश्चिम बंगाल, बिहार और असम जैसे राज्यों से आता है। पश्चिम बंगाल (80%) के बाद बिहार उत्पादन के मामले में दूसरे स्थान पर है। यहाँ की जलोढ़ मिट्टी और जलवायु जूट की खेती के लिए सर्वोत्तम मानी जाती है। MSP में इस वृद्धि से पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज जैसे जूट प्रधान जिलों के किसानों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।

नुकसान की भरपाई करेगी सरकार

भारतीय जूट निगम (JCI) इस योजना के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करना जारी रखेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि मूल्य समर्थन संचालन (Price Support Operations) के दौरान किसी भी प्रकार का वित्तीय नुकसान होता है, तो केंद्र सरकार उसकी पूरी भरपाई करेगी। इससे बाज़ार में कीमतों में गिरावट आने पर भी किसानों का हित सुरक्षित रहेगा।

विवरणसत्र 2025-26सत्र 2026-27 (नया)कुल बढ़ोतरी
न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP)₹5,650/क्विंटल₹5,925/क्विंटल₹275
उत्पादन लागत पर लाभ-61.8%-