बिहार में नई न्यूनतम मजदूरी दरें प्रभावी: लाखों श्रमिकों की जेब में आएगी अब ज्यादा रकम

बिहार में 1 अप्रैल, 2026 से नई न्यूनतम मजदूरी दरें प्रभावी हो गई हैं। श्रम संसाधन विभाग ने अकुशल, अर्ध-कुशल और कुशल श्रमिकों के लिए परिवर्तनशील महंगाई भत्ता (VDA) जारी किया है। कृषि और घरेलू कामगारों के लिए भी नया वेतन ढांचा लागू। पूरी दरें यहाँ देख

Bihar Government Notification Minimum Wages April 2026
बिहार में नई मजदूरी दर लागू- फोटो : gemini

Patna - बिहार सरकार के श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग ने राज्य के असंगठित और संगठित क्षेत्रों में कार्यरत लाखों कामगारों के लिए परिवर्तनशील महंगाई भत्ता (VDA) की नई दरों को लागू कर दिया है । 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी हुई इस अधिसूचना के माध्यम से सरकार ने अकुशल, अर्ध-कुशल, कुशल और अति-कुशल श्रेणियों के लिए पारिश्रमिक में संशोधन किया है । विभाग के अनुसार, यह निर्णय अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में हुई वृद्धि को देखते हुए लिया गया है, ताकि महंगाई के दौर में श्रमिकों की क्रय शक्ति बनी रहे और उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिल सके 

गैर-कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए नया स्लैब

राज्य के 89 अनुसूचित नियोजनों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए अब चार अलग-अलग श्रेणियों में भुगतान सुनिश्चित किया गया है । सरकार द्वारा जारी नई तालिका के अनुसार, अकुशल श्रेणी के मजदूरों को अब पहले के मुकाबले अधिक दैनिक मजदूरी मिलेगी, जबकि अति-कुशल श्रमिकों के लिए सबसे उच्चतम दैनिक दर निर्धारित की गई है । इस संशोधन में अर्ध-कुशल और कुशल कामगारों के वेतन में भी सम्मानजनक वृद्धि की गई है । निजी संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों को निर्देश दिया गया है कि वे तत्काल प्रभाव से इन नई दरों के आधार पर ही श्रमिकों के वेतन का भुगतान सुनिश्चित करें 

कृषि और ग्रामीण कामगारों को मिला महंगाई से सुरक्षा कवच

खेती-किसानी से जुड़े मजदूरों और ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत तकनीकी सहायकों के लिए भी सरकार ने विशेष राहत की घोषणा की है । कृषि कार्यों में लगे मजदूरों के लिए अब प्रतिदिन की नई दर तय हो गई है, वहीं ट्रैक्टर ड्राइवरों, पंप ऑपरेटरों और खलासियों के लिए मासिक वेतन का नया ढांचा तैयार किया गया है । कटनी जैसे कार्यों के लिए पारंपरिक 'वस्तु रूप' (जैसे फसल का दसवां हिस्सा) की व्यवस्था को बरकरार रखा गया है, लेकिन अन्य सभी नकद भुगतानों में महंगाई भत्ते को जोड़कर वृद्धि कर दी गई है । इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नकदी का प्रवाह बढ़ने और मजदूरों के जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद है।

सख्त नियम: समान काम के लिए समान वेतन और ओवरटाइम का दोहरा लाभ

इस नई व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी इसके अनुपालन से जुड़े सख्त नियम हैं । अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि लिंग के आधार पर मजदूरी में कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा और पुरुष व महिला कामगारों को समान कार्य के लिए एक ही दर पर भुगतान करना अनिवार्य होगा । इसके अलावा, यदि कोई कर्मचारी अपनी निर्धारित ड्यूटी के बाद अतिरिक्त समय या साप्ताहिक अवकाश के दिन कार्य करता है, तो उसे सामान्य से दोगुनी मजदूरी देनी होगी । घरेलू कामगारों के लिए भी प्रति घंटे की मजदूरी तय करने का स्पष्ट फॉर्मूला दिया गया है, जिससे इस क्षेत्र में होने वाले शोषण पर लगाम लग सकेगी 

गैर-कृषि अनुसूचित नियोजन (89 नियोजन)

अकुशल, अर्ध-कुशल, कुशल और अति-कुशल श्रेणियों के श्रमिकों के लिए संशोधित दैनिक मजदूरी दरें इस प्रकार हैं:

श्रमिकों की श्रेणी

निर्धारित न्यूनतम मजदूरी (VDA सहित)

1 अप्रैल 2026 से प्रभावी VDA

1 अप्रैल 2026 से लागू कुल मजदूरी

अकुशल

₹428.00

₹8.00

₹436.00 प्रतिदिन 

अर्ध-कुशल

₹444.00

₹8.00

₹452.00 प्रतिदिन 

कुशल

₹541.00

₹10.00

₹551.00 प्रतिदिन 

अति-कुशल

₹660.00

₹12.00

₹672.00 प्रतिदिन 

कृषि नियोजन

कृषि कार्यों में लगे श्रमिकों के लिए भी नई दरें निर्धारित की गई हैं:

  • कटनी कार्य को छोड़कर अन्य कृषि कार्य: ₹413.00 प्रतिदिन.

    ट्रैक्टर ड्राइवर एवं पंप ऑपरेटर: ₹14,947.00 प्रतिमाह.

  • ट्रैक्टर खलासी/पंप खलासी/चौकीदार/हलवाहा: ₹11,633.00 प्रतिमाह.

    कटनी कार्य: काटी गई फसल के 10 बोझा में से 1 बोझा.
    प्रमुख खंड-दर (Piece Rate) नियोजन

विभिन्न उद्योगों के लिए विशिष्ट खंड-दरें भी संशोधित की गई हैं:

  • बीड़ी निर्माण: ₹420.00 प्रति हजार बीड़ी.

    ईंट निर्माण (ईंट बनाना): ₹635.00 प्रति हजार ईंट.

  • हेयर कटिंग सैलून: प्रति बाल कटाई ₹61.21 और प्रति दाढ़ी ₹20.64.

    मिट्टी काटना (मुलायम मिट्टी): ₹436.00 प्रति 90 घनफीट.


  • महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश

    • समान मजदूरी: पुरुष और महिला श्रमिकों को समान कार्य के लिए समान मजदूरी दी जाएगी.


    • साप्ताहिक विश्राम: निर्धारित न्यूनतम मजदूरी की दरों में साप्ताहिक विश्राम के दिन का पारिश्रमिक शामिल है.

      गणना का आधार: दैनिक मजदूरी को 26 से गुणा करके मासिक दर प्राप्त की जा सकती है, और मासिक दर को 26 से भाग देकर दैनिक दर प्राप्त की जा सकती है.

    • ओवरटाइम: साप्ताहिक विश्राम या किसी अन्य दिन ओवरटाइम कार्य के लिए श्रमिक को निर्धारित दर से दोगुना मजदूरी पाने का अधिकार होगा.

    • घरेलू नियोजन: घरेलू कार्यों के लिए एक घंटे की न्यूनतम मजदूरी की गणना अधिसूचित दैनिक दर को 8 से भाग देकर की जाएगी.