Bihar News : स्वास्थ्य मंत्री निशांत से मिले जदयू से निष्कासित छोटू सिंह, बंद कमरे में 20 मिनट तक हुई बातचीत, कहा-'नीतीश कुमार के दिल से मुझे कोई नहीं निकाल सकता'

Bihar News : नीतीश कुमार के बेटे निशांत और छोटू सिंह के बीच बंद कमरे में 20 मिनट तक मुलाकात हुई. जिसके बाद छोटू सिंह ने फिर खुद को नीतीश कुमार का हनुमान बताया.....पढ़िए आगे

निशांत से मिले छोटू सिंह - फोटो : ABHIJEET

PATNA : जनता दल यूनाइटेड (जदयू) से निष्कासित किए जाने के बाद अरविन्द कुमार सिंह उर्फ़ छोटू सिंह की मुलाकात आज स्वास्थ्य मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत से हुई। दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में करीब बीस मिनट तक मुलाकात हुई। इस मुलाकात के बाद छोटू सिंह ने कहा कि भले ही उन्हें पार्टी से आधिकारिक तौर पर निष्कासित कर दिया गया हो, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिल से उन्हें कोई भी बाहर नहीं निकाल सकता है। वे पहले भी नीतीश कुमार के दिल में थे, आज भी हैं और हमेशा रहेंगे।

छोटू सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति अपनी अटूट वफादारी को दोहराते हुए खुद को एक बार फिर उनका 'हनुमान' बताया। उन्होंने कहा, "मैं हमेशा कहता आया हूँ कि मैं नीतीश जी का हनुमान हूँ और हमेशा उनका हनुमान ही रहूँगा। हनुमान का क्या मतलब होता है और सनातन क्या है, यह हर कोई अच्छी तरह से समझता है।" उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि वर्तमान में वे एक बेहद निजी संकट से गुजर रहे हैं क्योंकि हाल ही में उनके चाचा का निधन हुआ है, जिसके कारण वे सूतक (छुतका) में हैं, लेकिन इसके बावजूद नीतीश कुमार और उनके पुत्र निशांत कुमार के प्रति उनका प्रेम कम नहीं हुआ है।

पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं द्वारा उनके पक्ष में दिए जा रहे बयानों को लेकर जब छोटू सिंह से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि सिर्फ बिहार ही नहीं बल्कि देश और विदेश में रहने वाले उनके समर्थक भी यही चाहते हैं कि वे जीवन भर नीतीश कुमार के साथ ही रहें। उन्होंने कहा कि अनंत सिंह, अशोक चौधरी और महेश्वर सिंह जैसे जदयू के बड़े नेता भी उनके इस निष्कासन पर अपनी राय रख रहे हैं। छोटू सिंह ने अंदेशा जताया कि शायद कुछ लोगों ने बीच में आकर शीर्ष नेतृत्व को गुमराह किया है, जिसके कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।

अपनी गलतियों को स्वीकार करने के सवाल पर पूर्व जदयू नेता ने बेहद शालीनता दिखाई। उन्होंने कहा, "हमसे भी कोई गलती हुई होगी, आखिर हम भी इंसान ही हैं। हर इंसान से छोटी-मोटी गलतियाँ और कमियाँ हो जाती हैं। अगर मुझसे कोई भूल हुई है, तो मैंने पहले ही कहा है कि मैं अपनी गलती को स्वीकार करने के लिए पूरी तरह तैयार हूँ।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि वे नीतीश कुमार या निशांत कुमार से अलग हैं; वे दोनों हमेशा उनके थे और वे हमेशा उनके ही रहेंगे। 

अंत में, छोटू सिंह ने अपने समर्थकों और मीडिया का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनके नाम 'छोटू' का अर्थ ही 'प्यारा' होता है, इसलिए वे बड़े होकर भी सबके लिए छोटे और प्रिय ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि इस संकट और दुःख की घड़ी में मीडिया और जनता ने उन्हें जो स्नेह, सम्मान और अटूट प्यार दिया है, वे उसके कर्जदार हैं। एक सच्चे हनुमान की तरह उनका अगला कर्तव्य अब जनता और अपने नेताओं से मिले इसी प्यार के कर्ज को पूरी ईमानदारी से चुकाना है। बताते चलें की छोटू सिंह अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधयों के आरोप में 6 साल के लिए जदयू से निष्कासित कर दिया गया है। वहीँ बिहार सरकार ने उन्हें बिहार राज्य नागरिक परिषद् के महासचिव पद से हटा दिया है।