बदला मुख्यमंत्री आवास का नाम: अब 'लोक सेवक आवास' के रूप में जाना जाएगा 1 अणे मार्ग

Patna : बिहार की राजधानी पटना स्थित प्रतिष्ठित मुख्यमंत्री आवास, 1 अणे मार्ग की पहचान अब बदल गई है। राज्य सरकार द्वारा लिए गए एक महत्वपूर्ण निर्णय के तहत अब इसे आधिकारिक तौर पर 'लोक सेवक आवास' के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय (जनसंपर्क कोषांग) द्वारा मंगलवार, 5 मई 2026 को जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से इस बदलाव की जानकारी सार्वजनिक की गई है।


विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री आवास के रूप में आवास संख्या 1 अणे मार्ग आवंटित किया गया है। इसी आवंटन के साथ ही इस परिसर का नामकरण भी बदल दिया गया है। अब सभी सरकारी दस्तावेजों और आधिकारिक उद्देश्यों के लिए इस पते का उपयोग 'लोक सेवक आवास, अणे मार्ग, पटना' के रूप में किया जाएगा।


यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इस बदलाव को प्रशासन की कार्यशैली में एक बड़े प्रतीकात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का यह कदम जनता को यह संदेश देने का प्रयास है कि मुख्यमंत्री का पद और उनका आवास पूरी तरह से जनता की सेवा और उनके प्रति जवाबदेही के लिए समर्पित है।


राजनीतिक हलकों में इस नामकरण की चर्चा तेज है। जानकारों का मानना है कि 'लोक सेवक' शब्द का चयन यह दर्शाता है कि सत्ता का शीर्ष केंद्र स्वयं को शासक नहीं बल्कि जनता का सेवक मानता है। 1 अणे मार्ग दशकों से बिहार की सत्ता का केंद्र रहा है और इस नए नामकरण से इसकी ऐतिहासिक पहचान के साथ अब एक नया सेवाभावी अध्याय जुड़ गया है।


मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी इस आदेश की प्रति संबंधित विभागों को भेज दी गई है ताकि आधिकारिक पत्राचार में नए नाम का उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। आने वाले दिनों में आवास के मुख्य द्वार और अन्य आधिकारिक बोर्डों पर भी नया नाम 'लोक सेवक आवास' अंकित किया जाएगा। यह निर्णय प्रशासनिक सुधारों और प्रतीकों के माध्यम से सुशासन का संदेश देने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

नरोत्तम की रिपोर्ट