Bihar Politics: चाचा से दूर होंगे गिले शिकवे! पहले छुए पैर फिर हंसकर की बात, चिराग पासवान और पशुपति पारस की मुलाकात से सियासी हलचल तेज

Bihar Politics: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और पशुपति पारस के बीच रिश्तों में नरमी के संकेत मिल रहे हैं। हालिया मुलाकात के बाद दोनों नेताओं के बीच दूरियां खत्म होने की अटकलें तेज हो गई हैं, जिससे बिहार की सियासत में नई हलचल पैदा हो गई है।

पशुपति पारस से मिले चिराग पासवान - फोटो : News4nation

Bihar Politics: बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और उनके चाचा पशुपति पारस के बीच लंबे समय से चल रहे मतभेद खत्म होने के संकेत मिल रहे हैं। दरअसल, एक वीडियो सामने आने के बाद सियासी गलियारों में अटकलों का दौर शुरू हो गया है। यह मुलाकात उस समय हुई जब चिराग पासवान अपने दिवंगत चाचा अर्जुन पासवान को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। इस दौरान चिराग पासवान ने अपने चाचा पशुपति पारस के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। दोनों के बीच कुछ देर बातचीत भी हुई, जिसे राजनीतिक हलकों में रिश्तों में सुधार के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

चिराग और पशुपति पारस की मुलाकात 

दरअसल, खगड़िया के अलौली प्रखंड क्षेत्र के शहरबन्नी स्थित मंत्रीजी टोला में चिराग पासवान ने अपने दिवंगत चाचा अर्जुन पासवान के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान वे कुछ समय तक शोकाकुल परिवार के साथ रहे और परिजनों से मिलकर उनका हालचाल जाना। इस मौके पर चिराग पासवान ने बड़ी मां राजकुमारी देवी से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उन्हें ढांढस बंधाया। इसी दौरान उनकी मुलाकात उनके चाचा पशुपति पारस से हुई। जहां उन्होंने अपने चाचा के पैर को छूकर उनसे आशीर्वाद लिया। इससे पहले उन्होंने अपने पिता, दिवंगत पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया

चिराग पासवान के सीएम बनने की इच्छा 

बता दें कि, पशुपति पारस ने हाल के बयानों में चिराग को परिवार का हिस्सा बताते हुए उन्हें मुख्यमंत्री बनते देखने की इच्छा भी व्यक्त की थी। वहीं अब चिराग का चाचा से मिलना और पैर छूकर आशीर्वाद लेना सालों बाद परिवार के सुलह का संकेत दे रहा है। गौरतलब हो कि, चिराग पासवान और उनके चाचा पशुपति कुमार पारस के बीच की लड़ाई मुख्य रूप से राम विलास पासवान की राजनीतिक विरासत और पार्टी (लोक जनशक्ति पार्टी) पर नियंत्रण को लेकर रही है।

हाजीपुर सीट को लेकर रहा है विवाद 

2021 में पार्टी के दो गुटों (लोजपा-रामविलास और रालोजपा) में बंटने के बाद से दोनों के बीच तीखी बयानबाजी होती रही है। 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा ने चिराग पासवान को प्राथमिकता दी, जिसके बाद पशुपति पारस ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया और एनडीए (NDA) से अलग हो गए थे। दोनों के बीच हाजीपुर लोकसभा सीट को लेकर भी बड़ा विवाद रहा, जिसे राम विलास पासवान की परंपरागत सीट माना जाता है। अंततः चिराग पासवान इस सीट से चुनाव लड़े और जीते।