CM Nitish Kumar birthday: सीएम नीतीश का 75वां जन्मदिन आज, बर्थडे पर सुशासन बाबू ने 51 लाख बच्चों को दी बड़ी सौगात, जानिए कहां से होगी शुरुआत

CM Nitish Kumar birthday: सीएम नीतीश जन्मदिन के अवसर पर राज्य सरकार ने बड़ी पहल की है। ग्रामीण विकास विभाग की ओर से प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर पढ़ने वाले करीब 51 लाख बच्चों को दो-दो सेट ड्रेस वितरित किए जाएंगे।

75 साल के हुए सीएम नीतीश - फोटो : social media

CM Nitish Kumar birthday: बिहार के मुख्यमंत्री और 'सुशासन बाबू' के नाम से मशहूर नीतीश कुमार आज अपना 75वां जन्मदिन मना रहे हैं। 1 मार्च 1951 को बख्तियारपुर में जन्मे नीतीश कुमार ने बिहार की राजनीति को एक नई दिशा दी है। सड़क, बिजली और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर अपनी पहचान बनाने वाले नीतीश कुमार के इस खास दिन पर पूरे प्रदेश में जश्न का माहौल है। जेडीयू कार्यकर्ता आज के दिन को 'विकास दिवस' के रूप में मना रहे हैं। सीएम नीतीश की जन्मदिन को लेकर सभी नेता उन्हें बधाई दे रहे हैं। वहीं अपने जन्मदिन के दिन सीएम नीतीश ने 51 लाख बच्चों को बड़ी सौगात दी है। 

सीएम नीतीश का जन्मदिन आज

जानकारी अनुसार सीएम नीतीश जन्मदिन के अवसर पर राज्य सरकार ने बड़ी पहल की है। ग्रामीण विकास विभाग की ओर से प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर पढ़ने वाले करीब 51 लाख बच्चों को दो-दो सेट ड्रेस वितरित किए जाएंगे। योजना की औपचारिक शुरुआत आज ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार के हाथों की जाएगी। राज्यस्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की कर्मभूमि पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर और इसके बाद बगहा से होगा। पहले चरण में 51 लाख बच्चों तक ड्रेस पहुंचाने की तैयारी है।

जीविका दीदियों के हाथों तैयार पोशाक

मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि वर्ष 2022 में मुंगेर से शुरू हुआ बिहार का पहला ‘दीदी सिलाई केंद्र’ अब 15 जिलों में 25 आधुनिक सिलाई उत्पादन-सह-प्रशिक्षण केंद्रों तक विस्तार पा चुका है। इसके अलावा सभी प्रखंडों में दो-दो उप-सिलाई केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इस तरह कुल 1050 सिलाई केंद्रों के माध्यम से करीब एक लाख जीविका दीदियां आजीविका से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बिहार की पहली पाठशाला हैं। यहां के बच्चों को दी जाने वाली पोशाक सिर्फ कपड़े नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, सम्मान और बराबरी का प्रतीक है। इन ड्रेसों में जीविका दीदियों की मेहनत के साथ ममत्व और संवेदना भी शामिल है।

महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा

सरकार का दावा है कि यह पहल भविष्य की पीढ़ी और महिला सशक्तिकरण दोनों को समर्पित है। स्थानीय स्तर पर ड्रेस निर्माण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा। वाल्मीकिनगर और बगहा से शुरू हो रहा यह वितरण अभियान चरणबद्ध तरीके से पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। सरकार इसे बच्चों के सर्वांगीण विकास और सामाजिक समानता की दिशा में अहम कदम मान रही है।