Bihar State Ceremony: नेहरू पुण्यतिथि के राजकीय समारोह से सम्राट चौधरी की दूरी! मुख्यमंत्री और राज्यपाल की गैरहाजिरी से उठा बड़ा सवाल
Bihar State Ceremony:पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि के मौके पर आयोजित राजकीय समारोह इस बार सियासी चर्चा का केंद्र बन गया, क्योंकि मंच पर मौजूद चेहरों से ज्यादा चर्चा उन चेहरों की रही जो कार्यक्रम से दूर रहे। ...
Bihar State Ceremony:पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि के मौके पर आयोजित राजकीय समारोह इस बार सियासी चर्चा का केंद्र बन गया, क्योंकि मंच पर मौजूद चेहरों से ज्यादा चर्चा उन चेहरों की रही जो कार्यक्रम से दूर रहे। राजधानी में आयोजित इस आधिकारिक श्रद्धांजलि कार्यक्रम में एक ओर जहां औपचारिक श्रद्धांजलि दी गई, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक हलकों में अनुपस्थिति को लेकर कई तरह के कयास तेज हो गए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस राजकीय समारोह से दूरी बनाकर सभी को चौंका दिया। खास बात यह है कि इससे पहले वे कई राजकीय आयोजनों में लगातार मौजूद रहते रहे हैं, ऐसे में उनकी गैरहाजिरी को लेकर प्रशासनिक गलियारों से लेकर सियासी हलकों तक चर्चाओं का बाजार गर्म है।
इसी तरह राज्यपाल की अनुपस्थिति ने भी कार्यक्रम को और ज्यादा चर्चा में ला दिया। हालांकि आधिकारिक तौर पर किसी तरह की नाराजगी या राजनीतिक कारण सामने नहीं आए हैं, लेकिन सियासी विश्लेषक इसे संकेतों की राजनीति के तौर पर देख रहे हैं।
दूसरी ओर डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी समारोह में मौजूद रहे और उन्होंने पंडित नेहरू को श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके साथ कैबिनेट मंत्री श्रवण कुमार, शीला मंडल, संजय पासवान और विधायक शायक रजक भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में औपचारिकता के तहत पुष्पांजलि और श्रद्धांजलि अर्पित की गई, लेकिन मंच पर मौजूद और अनुपस्थित नेताओं की सूची ने राजनीतिक संदेशों को और गहरा कर दिया।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा यह भी है कि क्या यह केवल प्रोटोकॉल आधारित अनुपस्थिति थी या फिर इसके पीछे कोई अंदरूनी राजनीतिक असहमति या रणनीतिक दूरी का संकेत छिपा है। हालांकि सरकार की ओर से अब तक इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन बिहार की सियासत में यह घटना आने वाले दिनों में नई बहस और नए समीकरणों की जमीन जरूर तैयार कर सकती है।
रिपोर्ट- अभिजीत सिंह