सीएम सम्राट ने किया गंगा के बढ़ते जलस्तर का हवाई सर्वेक्षण, सुरक्षा सुनिश्चित करने को बड़ा निर्देश, 8 नदियां खतरे के निशान के पार

आपदा प्रबंधन विभाग ने पटना सहित कई संवेदनशील जिलों में हाई अलर्ट जारी किया है। केंद्रीय जल आयोग और बाढ़ नियंत्रण प्रकोष्ठ के ताजा आंकड़ों के अनुसार, गंगा का जलस्तर कई प्रमुख घाटों पर खतरे के निशान को पार कर चुका है

CM Samrat conducted an aerial survey- फोटो : news4nation

Bihar News :  बिहार में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है और गंगा समेत 8 प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बाढ़ से पटना के भी बड़े भूभाग में बड़ा असर पड़ा है जिसका शुक्रवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हवाई सर्वेक्षण किया. उन्होंने कहा कि एरियल सर्वे के माध्यम से बिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया और राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति की समीक्षा की। प्रभावित क्षेत्रों में आमजन को हरसंभव सहायता समय पर मिले, किसी को कोई परेशानी ना हो तथा जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो, इसके लिए अधिकारियों को त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी भी उनके साथ रहे. 


इस बीच आपदा प्रबंधन विभाग ने पटना सहित कई संवेदनशील जिलों में हाई अलर्ट जारी किया है। केंद्रीय जल आयोग और बाढ़ नियंत्रण प्रकोष्ठ के ताजा आंकड़ों के अनुसार, गंगा का जलस्तर कई प्रमुख घाटों पर खतरे के निशान को पार कर चुका है और यह अपने उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) के करीब पहुंच रहा है।  गंगा के अलावा कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, पुनपुन, सोन और बागमती नदियां भी उफान पर हैं। सोन नदी के बढ़ते दबाव के कारण इंद्रपुरी बराज के 56 गेट खोल दिए गए हैं। 

पटना में दीघा घाट जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर 51.69 मीटर पर पहुंच गया है. गांधी घाट(पटना में गंगा खतरे का निशान 48.60 मीटर है जबकि शुक्रवार को यहाँ जलस्तर 50.37 मीटर पहुंच गया.  वहीं हथिदह में खतरे का निशान 41.76 मीटर है जबकि शुक्रवार को जलस्तर 43.26 मीटर पर पहुंच गया. 

वहीं पटना, सारण, भोजपुर, बक्सर, मुंगेर, बेगुसराय, लखीसराय, वैशाली, जहानाबाद और भागलपुर के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।