Bihar News : मोतिहारी में सील गोदाम से माफिया ने की 835 बोरा खाद चोरी करने की कोशिश, 70 घंटे बाद भी दर्ज नहीं हुई एफआईआर, संदेह के घेरे में 'माननीय'
Bihar News : मोतिहारी में सील गोदाम का ताला तोड़कर खाद चुराने की कोशिश पर कृषि विभाग की टीम ने पानी फेर दिया.....पढ़िए आगे
MOTIHARI : पूर्वी चंपारण जिले के बंजरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत चैलहा के पकड़िया टोला से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ बेखौफ खाद माफियाओं ने पुलिस प्रशासन और कृषि विभाग के सील किए गए गोदाम का ताला तोड़कर खाद चोरी करने का प्रयास किया। यह घटना बीते बुधवार की रात की है, जहाँ ग्रामीणों की सतर्कता के कारण एक बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। सूचना मिलते ही जब सदर एसडीओ के निर्देश पर पुलिस व कृषि विभाग की टीम मौके पर पहुँची, तो खाद तस्कर खाद से लदा ट्रैक्टर छोड़कर अँधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।
मार्च में जब्त हुआ था 835 बोरा अवैध खाद
उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष मार्च महीने में बंजरिया के पकड़िया टोला स्थित 'मनोकामना फर्टिलाइजर' के गोदाम में कालाबाजारी के उद्देश्य से रखा गया 835 बोरा यूरिया, कैल्शियम और सल्फर जब्त किया गया था। अनुमंडल कृषि पदाधिकारी के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई के बाद बंजरिया थाने में कांड संख्या 195/26 के तहत प्राथमिकी (22 मार्च) दर्ज की गई थी। गोदाम मालिक चिरैया निवासी अंबिका प्रसाद का लाइसेंस एक वर्ष पूर्व ही समाप्त हो चुका था, जिसके बाद भी वह गैरकानूनी तरीके से खाद का भंडारण कर रहा था। कार्रवाई के बाद कृषि विभाग ने पुलिस की मौजूदगी में गोदाम को पूरी तरह से सील कर दिया था।
प्रशासन की नाक के नीचे दुस्साहस
खाद माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने प्रशासनिक सील की परवाह किए बिना बुधवार की रात ताला तोड़ दिया और जब्त खाद को ट्रैक्टर पर लोड करने लगे। यदि स्थानीय निवासी समय पर सूचना नहीं देते तो माफिया पूरी खेप पार कर चुके होते। प्रशासनिक अधिकारियों की नाक के नीचे इस तरह की दुस्साहसपूर्ण घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। मौके से जब्त ट्रैक्टर माफियाओं के रसूख और प्रशासनिक शिथिलता की जीती-जागती गवाही दे रहा है।
70 घंटे बाद भी प्राथमिकी नहीं, सेटिंग के खेल की चर्चा
घटना के लगभग 70 घंटे बीत जाने के बावजूद कृषि विभाग द्वारा इस मामले में नई प्राथमिकी दर्ज न कराना गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। प्रशासनिक सुस्ती को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएँ गर्म हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मामले को दबाने के लिए 'सेटिंग का खेल' चल रहा है और इसमें एक माननीय की मिलीभगत की बात भी कही जा रही है। इतनी बड़ी आपराधिक चुनौती के बाद भी विभाग का रवैया बेहद संदिग्ध नजर आ रहा है।
जिम्मेदार अधिकारियों ने साधी चुप्पी
मामले की गंभीरता और प्रशासनिक विफलता पर जब अधिकारियों का पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो जिम्मेदार बचते नजर आए। अनुमंडल कृषि पदाधिकारी न तो फोन उठा रहे हैं और न ही मैसेज का कोई जवाब दे रहे हैं। वहीं, बंजरिया थानाध्यक्ष ने भी फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा। इस संबंध में बंजरिया बीडीओ ने केवल इतना कहकर पल्ला झाड़ लिया कि सील की प्रक्रिया कृषि विभाग द्वारा की गई थी, इसलिए पूरी जानकारी अनुमंडल कृषि पदाधिकारी ही दे पाएंगे।
हिमांशु की रिपोर्ट