Bihar Politics: सीएम सम्राट आज फिर लगाएंगे जनता दरबार, फरियादों की समस्याओं का करेंगे समाधान, अधिकारियों के साथ बड़ी बैठक

Bihar Politics: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज एक बार फिर जनता दरबार के जरिए आम लोगों की समस्याएं सुनेंगे और अधिकारियों को उनके त्वरित समाधान के निर्देश देंगे। इसके बाद वे सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक करेंगे।

सीएम की जनता दरबार आज - फोटो : social media

Bihar Politics: बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी नीतीश कुमार के रास्ते पर चल रहे हैं। नीतीश कुमार की तरह ही जनता दरबार के जरिए सीएम सम्राट भी लोगों की समस्या सुन रहे हैं और साथ ही उसका समाधान भी कर रहे हैं। हाल ही सीएम सम्राट ने अपना पहला जनता दरबार लगाया था। वहीं आज एक बार फिर जनता दरबार के जरिए आम लोगों से सीधा संवाद करेंगे। इस दौरान वे लोगों की समस्याएं सुनेंगे और संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश देंगे। साथ ही मुख्यमंत्री फरियादियों का अभिवादन भी स्वीकार करेंगे।

सचिवालय में होगी अहम बैठक 

सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार जनता दरबार के बाद मुख्यमंत्री सचिवालय पहुंचकर अधिकारियों के साथ अहम बैठक करेंगे। बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं और कार्यों की समीक्षा किए जाने की संभावना है। माना जा रहा है कि इस दौरान विकास कार्यों की प्रगति, प्रशासनिक व्यवस्था और जनहित से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।

पीएम मोदी से करेंगे मुलाकात 

वहीं आज सीएम सम्राट चौधरी दिल्ली भी जा सकते हैं। सीएम पद की शपथ लेने के बाद यह उनका पहला दिल्ली दौरा होगा। इस दौरान पीएम मोदी से मुलाकात कर सकते हैं। दो दशकों के बाद बिहार को नया मुख्यमंत्री मिला है साथ ही ऐसा पहली बार हुआ है जब प्रदेश में बीजेपी कोटे से कोई मुख्यमंत्री बना हो। दोनों नेताओं की मुलाकात अहम मानी जा रही है। कई मुद्दों पर सीएमल सम्राट पीएम मोदी से बात कर सकते हैं।

नीतीश कुमार की परंपरा को आगे बढ़ा रहे सम्राट

गौरतलब हो कि, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तर्ज पर जनता दरबार की परंपरा की शुरूआत की है। इसकी शुरुआत 17 अप्रैल 2026 से की गई है। ज्ञात हो कि, ‘जनता दरबार’ कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 2006 में नीतीश कुमार ने की थी। इस मंच के जरिए राज्य के विभिन्न जिलों से लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचते हैं, जिनका समाधान मौके पर ही करने का प्रयास किया जाता है। सरकार का मानना है कि इस पहल से प्रशासनिक जवाबदेही तय होती है और आम लोगों को त्वरित राहत मिलती है।