Bihar News : बिहार में स्टार्टअप क्रांति, छोटे कमरे से शुरू हुई कंपनियों ने किया ₹50 करोड़ का टर्नओवर, AI और डिजिटल सेवाओं में लहराया परचम
PATNA : कभी 'बिहारी' शब्द को पलायन से जोड़कर देखा जाता था, लेकिन आज वही युवा उद्यमी बनकर दुनिया को समाधान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की स्टार्टअप योजना के तहत मिलने वाली ₹10 लाख की शुरुआती मदद ने बिहार के नौजवानों के लिए कामयाबी के द्वार खोल दिए हैं। छोटे कमरों से शुरू हुए इन स्टार्टअप्स ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 50 करोड़ रुपये से अधिक का टर्नओवर कर प्रदेश को एक नई वैश्विक पहचान दिलाई है।
डिजिटल लेबर चौक: असंगठित क्षेत्र का नया 'ग्लोबल' चेहरा
दरभंगा के चंद्रशेखर ने अपनी एमकॉम की पढ़ाई के बाद नौकरी के पीछे भागने के बजाय 'डिजिटल लेबर चौक' की नींव रखी। मुख्यमंत्री स्टार्टअप और उद्यमी योजना से मिली ₹18 लाख की कुल सहायता ने उनकी सोच को पंख दिए। आज उनका यह प्लेटफॉर्म न केवल भारत, बल्कि दुनिया भर में 12 से 14 भाषाओं में डिजिटल मानव संसाधन सेवाएं (Human Resource Services) दे रहा है। अंतिम वित्तीय वर्ष में ₹65 लाख का टर्नओवर करने वाला यह स्टार्टअप असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सम्मान और काम दिलाने का एक बड़ा जरिया बन चुका है।
स्कूगलिंक: मात्र ₹99 में ग्रामीण बच्चों को AI आधारित शिक्षा
पटना के हिमांशु अग्रवाल ने अपनी 13 साल की हाई-प्रोफाइल आईटी नौकरी छोड़कर बिहार के ग्रामीण बच्चों को शिक्षित करने का बीड़ा उठाया। 'स्कूगलिंक प्राइवेट लिमिटेड' के जरिए वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग कर नर्सरी से 12वीं तक के बच्चों को मात्र ₹99 प्रति माह में डिजिटल किताबें और परीक्षा की तैयारी करा रहे हैं। 2018 में उद्यमी योजना का लाभ मिलने के बाद उन्होंने सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार किया है, जो शिक्षा के डिजिटल अंतर को पाट रहा है।
उद्यमी नीति से बदली प्रदेश की तस्वीर
बिहार सरकार की स्टार्टअप और उद्यमी नीति ने राज्य के हजारों नौजवानों को जॉब-सीकर (नौकरी मांगने वाला) से जॉब-क्रिएटर (नौकरी देने वाला) बना दिया है। कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और मानव संसाधन जैसे क्षेत्रों में बिहार के ये छोटे-छोटे आइडियाज अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर परचम लहरा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन योजनाओं से न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन हो रहा है, बल्कि बिहार का आर्थिक ढांचा भी मजबूत हो रहा है।