Bihar Politics : बजट सत्र में गूंगा रहेगा विपक्ष ! तेजस्वी ने सौ दिन चुप्पी का लिया प्रण, चार दिन पहले थम जायेगा सदन का शोर

बिहार विधानासभा के बजट सत्र में नेता प्रतिपक्ष मौन रहेंगे ! 1 मार्च को नीतीश सरकार के गठन के 100 दिन पूरे होंगे. जबकि 27 फरवरी को ही सदन का शोर थम जायेगा......पढ़िए आगे

Bihar Politics : बजट सत्र में गूंगा रहेगा विपक्ष ! तेजस्वी न
गूंगा रहेगा विपक्ष - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : 20 नवम्बर 2025 को नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में दसवीं बार शपथ ली है। उधर नई सरकार के गठन के साथ ही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव छुट्टियां मनाने विदेश चले गए। वहां से लौटते ही तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार के खिलाफ जमकर हमला किया। पूर्व उपमुख्यमंत्री और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार के कामकाज पर फिलहाल चुप्पी साधते हुए एक बड़ा दांव खेला है। 

तेजस्वी ने स्पष्ट किया है कि वे नई सरकार को संभलने के लिए 100 दिनों का समय दे रहे हैं, लेकिन उसके बाद वादों की कसौटी पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी है। मीडिया से मुखातिब होते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि उनकी पार्टी 'सकारात्मक राजनीति' में विश्वास रखती है। उन्होंने घोषणा की कि वे अगले 100 दिनों तक सरकार के किसी भी फैसले पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। हालांकि, उन्होंने इस दौरान सरकार के चुनावी घोषणापत्र में किए गए बड़े वादों को याद दिलाना नहीं भुला।तेजस्वी ने मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर सरकार को घेरा है। महिलाओं को 2-2 लाख रुपये देने के वादे का क्या हुआ? एक करोड़ युवाओं को नौकरी देने की समय सीमा क्या होगी? हर जिले में 4 से 5 कारखाने लगाने के आश्वासन पर कितना अमल हुआ?

दिलचस्प बात यह रही कि जब मीडिया ने बिहार में हाल के दिनों में बढ़ते अपराध ग्राफ पर सवाल पूछा, तो तेजस्वी ने अपनी रणनीति पर कायम रहते हुए कहा, "100 दिन तक कुछ नहीं बोलेंगे, उसके बाद देखते हैं।" राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि तेजस्वी यादव का यह '100 दिनों का अल्टीमेटम' एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। मतलब साफ है की तेजस्वी ने गेंद अब पूरी तरह से सरकार के पाले में डाल दी है।"

हालाँकि चुनाव के पहले जिस तरह तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया था की नीतीश सरकार उनके घोषणाओं की कॉपी पेस्ट कर रही है। एक बार फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तेजस्वी के प्रण को तोड़ दिया है. दरअसल 2 फ़रवरी से बिहार विधानसभा का बजट सत्र शुरू होनेवाला है। जिसका समापन 27 फ़रवरी को होगा। जबकि नीतीश सरकार के गठन का सौ दिन एक मार्च को पूरा होगा। यानी एक मार्च से पहले तेजस्वी ने कुछ नहीं बोलने का फैसला किया है। सवाल उठता है की क्या तेजस्वी बिहार विधानसभा में मुंह बंद कर बैठे रहेंगे। जबकि नीतीश मंत्रिमंडल ने सरकार के गठन के सौ दिन पूरे होने के पहले ही बजट सत्र खत्म करने का निर्णय लिया है।