Bihar Politics : फर्जी डिग्री, फर्जी जन्म - प्रमाणपत्र वाला सीएम मुबारक हो, रोहिणी आचार्य ने बीजेपी पर किया तीखा हमला

PATNA : बिहार की सियासत में सम्राट चौधरी के राजतिलक की तैयारी के बीच राजद सुप्रीमो लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने करारा हमला बोला है। रोहिणी ने सोशल मीडिया से सम्राट चौधरी को एनडीए विधानमंडल दल का नेता चुने जाने पर तंज कसते हुए भाजपा की अंदरूनी स्थिति और सम्राट चौधरी के राजनीतिक अतीत पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने बीजेपी को 'राजनीतिक रूप से कंगाल' बताते हुए कहा कि 46 साल बाद भी पार्टी के पास अपना कोई चेहरा नहीं है।

"बीजेपी के पास लीडरशिप का टोंटा और सूखा" 

रोहिणी आचार्य ने भाजपा की साख पर सवाल उठाते हुए कहा कि अपनी स्थापना के 46 वर्ष बीत जाने के बाद भी बिहार में बीजेपी के पास नेतृत्व का ऐसा 'टोंटा और सूखा' है कि वह कभी अपने दम पर सरकार नहीं बना सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने आज तक किसी विधानसभा चुनाव में न तो अपना मुख्यमंत्री चेहरा घोषित किया और न ही कोई ऐसी पहचान वाला नेता तैयार कर सकी जिसे जनता व्यापक रूप से स्वीकार कर सके।

सम्राट चौधरी को बताया 'घुमंतू और खानाबदोश' 

सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने की चर्चा पर रोहिणी ने तीखा कटाक्ष करते हुए उन्हें 'घुमंतू' करार दिया। उन्होंने कहा कि बीजेपी किसी ऐसे व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाने जा रही है जो मूलतः न तो 'नागपुरिया नर्सरी' (RSS) से है और न ही बिहार बीजेपी की बगिया से। रोहिणी के अनुसार, घाट-घाट घूमकर आए एक नेता को चुनना भाजपा की मजबूरी है, जिससे साफ होता है कि बिहार में बीजेपी का खेमा अंदर से खोखला है और अब 'खानाबदोशों' के भरोसे चल रहा है।

अतीत के बयानों और डिग्री पर भी घेरा 

रोहिणी ने सम्राट चौधरी के पिता और उनके पुराने बयानों का जिक्र करते हुए बीजेपी पर तंज कसा। उन्होंने याद दिलाया कि सम्राट के पिता ने कभी पीएम मोदी को 'जमीन में गाड़ देने' की बात कही थी और खुद सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार को 'मिट्टी में मिला देने' की सार्वजनिक घोषणा की थी। रोहिणी ने सवाल उठाया कि क्या बीजेपी और नीतीश कुमार इसी 'गीदड़ भभकी' से डर गए हैं? उन्होंने तंज भरे लहजे में कहा कि "बिना प्रतिज्ञा पूरी किए मुरेठा खोलने वाले और फर्जी डिग्री-प्रमाणपत्र वाले मुख्यमंत्री बीजेपी को मुबारक हों।" रोहिणी ने अंत में कहा कि वर्षों की मशक्कत और प्रपंच के सहारे नीतीश कुमार को कुर्सी से हटाने के बाद भी बीजेपी को उधार के नेतृत्व का सहारा लेना पड़ रहा है।