आरक्षण पर सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर बढ़ा विवाद, IIT पटना के रजिस्ट्रार पर एससी-एसटी थाने में एफआईआर

आईआईटी पटना के रजिस्ट्रार डॉ. अवलेंद्र कुमार ठाकुर का आरक्षण मामले पर सोशल मीडिया पर किया पोस्ट उनके लिए परेशानी का कारण बनता नजर आ रहा है। पटना के एक निवासी ने उनके खिलाफ पटना के SC/ST थाने मे मामला दर्ज कराया है....

IIT पटना के रजिस्ट्रार पर एससी-एसटी थाने में एफआईआर- फोटो : अनिल कुमार

Patna : राजधानी पटना से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) पटना के रजिस्ट्रार डॉ. अवलेंद्र कुमार ठाकुर के खिलाफ एससी-एसटी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। यह पूरा मामला आरक्षण और दलित समाज को लेकर सोशल मीडिया पर की गई कथित विवादास्पद टिप्पणी से जुड़ा हुआ है।


एसके नगर निवासी आदित्य कुमार की शिकायत पर हुई कानूनी कार्रवाई

पटना के एसके नगर निवासी आदित्य कुमार ने एससी-एसटी थाना में लिखित शिकायत देकर आईआईटी पटना के रजिस्ट्रार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि रजिस्ट्रार द्वारा साझा की गई सोशल मीडिया पोस्ट से दलित समाज की भावनाएं आहत हुई हैं और यह भारतीय संविधान की मूल भावना के खिलाफ है।


15 सितंबर 2026 को लिंक्डइन अकाउंट पर साझा की गई थी पोस्ट

शिकायत के अनुसार, यह विवाद 15 सितंबर 2026 को रजिस्ट्रार के आधिकारिक लिंक्डइन (LinkedIn) अकाउंट पर शेयर की गई एक पोस्ट से शुरू हुआ। इस पोस्ट में भारत सरकार से आरक्षण नीति और रिलैक्सेशन पॉलिसी की समीक्षा करने की बात कही गई थी, साथ ही आरक्षण को राजनीतिक हथियार बनाकर वोट बैंक साधने से संबंधित टिप्पणियां भी की गई थीं।


बीएनएस और एससी-एसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज

मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना के एससी-एसटी थाना में कांड संख्या 62/26, दिनांक 5 नवंबर 2026 को प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उपलब्ध दस्तावेजों के मुताबिक, इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(2), 196(1), 3(5) और एससी-एसटी एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।


पुलिस की आगे की जांच जारी, आधिकारिक पक्ष का आना बाकी

इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक और शैक्षणिक हलकों में हलचल मच गई है। फिलहाल पुलिस इस पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। हालांकि, इस मामले में संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है।


अनिल की रिपोर्ट