अवैध हथियार रखने के मामले में दो अभियुक्तों को तीन-तीन साल जेल, 10-10 हजार का अर्थ दंड

सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र से जुड़े एक मामले में अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए अवैध हथियार रखने के आरोप में दो अभियुक्तों को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोनो अभियुक्तों को 3-3 साल जेल की सजा सुनाई है.....

अवैध हथियार रखने के मामले में दो अभियुक्तों को तीन-तीन साल ज
अवैध हथियार रखने के मामले में दो को तीन-तीन साल जेल- फोटो : सांकेतिक तस्वीर

Supaul : जिले के त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र से जुड़े एक मामले में अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए अवैध हथियार रखने के आरोप में दो अभियुक्तों को दोषी करार दिया है। एसीजेएम-प्रथम अफजल आलम की अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद दोनों दोषियों को तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।


करण कुमार उर्फ करण टाइगर और राजा कुमार पर अदालत का फैसला

न्यायालय द्वारा सजा पाने वाले नामजद अभियुक्तों की पहचान करण कुमार उर्फ करण टाइगर तथा राजा कुमार के रूप में हुई है। त्रिवेणीगंज थाना कांड संख्या 126/2023 के तहत चल रहे इस मामले में दोनों कानूनी प्रक्रिया का सामना कर रहे थे, जिस पर अब अदालत का अंतिम फैसला आया है।


अर्थदंड नहीं चुकाने पर भुगतना होगा एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास

अदालत ने कारावास की सजा के साथ-साथ दोनों अभियुक्तों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। न्यायिक आदेश के अनुसार, यदि अभियुक्तों द्वारा जुर्माने की राशि जमा नहीं की जाती है, तो उन्हें इसके बदले एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।


वर्ष 2023 में छापेमारी के दौरान पुलिस ने पकड़े थे आरोपी

यह पूरा मामला वर्ष 2023 का है। प्राप्त विवरण के मुताबिक, 3 मार्च 2023 को त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र में पुलिस द्वारा विशेष छापेमारी एवं तलाशी अभियान चलाया गया था। इसी दौरान पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को अवैध हथियार के साथ पकड़ा था और संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की थी।


चार गवाहों की गवाही और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सुनाया फैसला

मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से कुल चार गवाह अदालत में पेश किए गए और उनकी गवाही कराई गई। न्यायालय में प्रस्तुत पुख्ता साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने दोनों को दोषी पाया। इस फैसले को अवैध हथियार रखने के मामलों में एक अहम न्यायिक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।


विनय कुमार मिश्रा की रिपोर्ट