क्रिकेटर आकाशदीप की शादी की तारीख तय, खेल मंत्री श्रेयसी सिंह सहित ये सब होंगे शामिल, जानिए कौन होगी बिहार के लाल की दुल्हनिया

आकाश दीप भगवान शिव के परम भक्त हैं और अवसर मिलने पर काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए अवश्य जाते हैं। ऐसे अब उनका विवाह समारोह भी बेहद खास होने जा रहा है.

Akashdeeps wedding- फोटो : news4nation

Akashdeep : बिहार के होनहार लाल और भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज आकाश दीप अपनी जिंदगी की नई पारी शुरू करने जा रहे हैं। शादी से पहले उन्होंने बिहार सरकार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह से मुलाकात कर उन्हें विवाह समारोह का निमंत्रण पत्र सौंपा और इस मांगलिक अवसर पर शामिल होने का आग्रह किया। आकाश दीप 24 जून को वाराणसी में विवाह बंधन में बंधेंगे। जानकारी के अनुसार, आकाश दीप अपने गृह जिले रोहतास के डेहरी-ऑन-सोन स्थित मानिकपुर गांव की रहने वाली अक्षिता के साथ सात फेरे लेंगे। शादी से जुड़ी सभी पारंपरिक रस्में उनके पैतृक गांव बड्डी में संपन्न होंगी। 


क्रिकेटर की शादी को लेकर उनके पैतृक गांव बड्डी में अभी से उत्साह का माहौल है। गांव को सजाने-संवारने की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। परिजन, रिश्तेदार और ग्रामीण इस खास अवसर को लेकर बेहद उत्साहित हैं। माना जा रहा है कि खेल, राजनीति और सामाजिक क्षेत्र की कई जानी-मानी हस्तियां इस हाई-प्रोफाइल विवाह समारोह में शामिल हो सकती हैं। 21 जून को तिलक, 22 जून को मेहंदी और 23 जून को हल्दी की रस्म आयोजित की जाएगी, वहीं 24 जून को शादी होगी।


वाराणसी से खास नाता 

आकाश दीप की बहन ज्योति सिंह ने पिछले वर्ष ही संकेत दिया था कि उनकी शादी एक-दो साल के भीतर हो सकती है और विवाह समारोह वाराणसी में आयोजित होगा। बताया जाता है कि आकाश दीप भगवान शिव के परम भक्त हैं और अवसर मिलने पर काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए अवश्य जाते हैं। इसी वजह से उन्होंने विवाह के लिए वाराणसी को चुना है।


जीवन संघर्षों से भरा

बिहार के एक छोटे से गांव से निकलकर भारतीय क्रिकेट टीम तक पहुंचने वाले आकाश दीप का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। महज 16 वर्ष की उम्र में उन्होंने अपने पिता को खो दिया था। इसके छह महीने बाद बड़े भाई का भी निधन हो गया। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और क्रिकेट के सपने को जिंदा रखा।


छोड़ना पड़ा था बिहार 

बिहार क्रिकेट एसोसिएशन पर प्रतिबंध के दौर में उन्हें अपने करियर के लिए राज्य छोड़ना पड़ा। वह बंगाल चले गए, जहां आसनसोल में रिश्तेदारों के घर रहकर क्लब क्रिकेट खेला और बाद में घरेलू क्रिकेट में बंगाल का प्रतिनिधित्व किया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने लगातार मेहनत की और आखिरकार टीम इंडिया में जगह बनाकर अपने सपनों को साकार किया।


आज जब आकाश दीप शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं, तो उनके गांव और परिवार में खुशी का माहौल है। संघर्ष से सफलता तक का उनका सफर युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत माना जाता है।