Bihar News : गंडक नदी के आसपास के जिलों में फ्लैश फ्लड की स्थिति और तैयारियों की मुख्य सचिव ने की समीक्षा, अधिकारियों को दिए कई निर्देश

Bihar News : तिब्बत क्षेत्र में हुए GLOF के कारण गंडक नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने और संभावित फ्लैश फ्लड की गंभीर स्थिति से निपटने के लिए बिहार सरकार पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गई है

बाढ़ की समीक्षा - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : 26 अगस्त, 2026 को तिब्बत क्षेत्र में हुए ग्लेशियर झील विस्फोट (GLOF) के कारण गंडक नदी के आसपास के जिलों में संभावित फ्लैश फ्लड की स्थिति से निपटने के लिए आज आपदा प्रबंधन विभाग में मुख्य सचिव, बिहार श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में पूर्वाह्न 11:00 बजे विडिओ कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की गई तथा कतिपय निदेश दिए गए। पुनः अपराह्न 7:30 बजे मुख्य सचिव के द्वारा वीसी के माध्यम से मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण एवं वैशाली के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक के साथ तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में प्रधान सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग श्री संतोष कुमार मल्ल, सचिव, जल संसाधन विभाग डॉ. चंद्रशेखर सिंह तथा संयुक्त सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग श्री अविनाश कुमार उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को Standard Operating Procedure (SOP) के अनुरूप सभी आवश्यक तैयारियां समयबद्ध रूप से पूर्ण रखने तथा संभावित फ्लैश फ्लड की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी राहत एवं बचाव सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने, आवश्यकतानुसार राहत सामग्री एवं अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा संबंधित विभागों के साथ प्रभावी समन्वय बनाए रखने को कहा। मुख्य सचिव ने जिला प्रशासन के वरीय पदाधिकारियों तथा जल संसाधन विभाग के अभियंताओं को रातभर स्थिति पर निरंतर निगरानी रखते हुए अलर्ट मोड में रहने के निदेश दिए। तटबंधों की निगरानी हेतु चौकीदारों एवं होमगार्ड के जवानों के माध्यम से लगातार पैट्रोलिंग करने के निदेश दिए। साथ ही NDRF एवं SDRF टीमों को भी अलर्ट मोड पर रहने के निदेश दिए गए ताकि आवश्यकता पड़ने पर लोगों को त्वरित गति से सुरक्षित स्थानों  पर पहुंचाया जा सके।

बैठक में जिलाधिकारी, पश्चिमी चंपारण ने बताया कि संभावित फ्लैश फ्लड के मद्देनजर तटबंध के आसपास के इलाकों में माइकिंग कराकर 5000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया गया है। साथ ही अब तक जिले मे संचालित 7 कम्युनिटी किचन के माध्यम से 1,150 से अधिक लोगों को भोजन कराया गया। अन्य जिलों के जिला पदाधिकारियों के द्वारा भी अपनी तैयारियों के संबंध  में विस्तृत जानकारी दी गई। उनके द्वारा बताया गया कि वर्तमान में स्थिति सामान्य है परंतु जलस्तर के बढ़ने की स्थिति में लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाने की व्यवस्था कर ली गई है। राहत केंद्रों एवं कम्युनिटी किचन स्थलों को चिन्हित कर लिया गया है तथा चिकित्सीय दल को भी राहत केंद्रों/कम्युनिटी किचन स्थल के साथ टैग कर दिया गया है। साथ ही जिलाधिकारियों ने बताया कि चौकीदारों तथा होमगार्ड जवानों के द्वारा तटबंधों की सतत निगरानी की जा रही है। 

मुख्य सचिव ने आमजन से पैनिक नहीं करने तथा अफवाहों एवं फेक न्यूज से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। आमजन केवल आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं पर ही भरोसा करें तथा किसी भी प्रकार की अपुष्ट सूचना को प्रसारित करने से बचें।