Education News: नीट-जेईई की जंग में उतरे साइबर कमांडो, हैकरों और पेपर माफिया पर होगी सीधी कार्रवाई, डिजिटल अंडरवर्ल्ड पर कानून का ऐसे बैठाया गया पहरा
Education News: देश की बड़ी ऑनलाइन और कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं की शुचिता पर मंडराते साइबर अपराध के साए अब छंटने वाले हैं।...
Education News: देश की बड़ी ऑनलाइन और कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं की शुचिता पर मंडराते साइबर अपराध के साए अब छंटने वाले हैं। नीट, यूजी-पीजी, जेईई मेंस और जेईई एडवांस जैसी हाई-प्रोफाइल परीक्षाओं को सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने साइबर कमांडो को मैदान में उतार दिया है। अपराध की दुनिया में जिस तरह गैंग और माफिया संगठित होकर वारदात को अंजाम देते हैं, उसी अंदाज़ में अब साइबर कमांडो भी डिजिटल मोर्चे पर चौकन्ने रहेंगे और हर संदिग्ध हरकत पर नज़र रखेंगे।
गृह मंत्रालय की ओर से जारी फरमान में साफ कहा गया है कि परीक्षा के दौरान हैकिंग, सर्वर पर मालवेयर अटैक, पेपर लीक, फर्जी वेबसाइट, फिशिंग लिंक और बॉट अटैक जैसी साइबर वारदातों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए साइबर कमांडो, साइबर क्राइम यूनिट और तकनीकी विशेषज्ञों की संयुक्त टीम तैनात की जाएगी। उत्तर प्रदेश में फिलहाल 14 साइबर कमांडो सक्रिय हैं, जबकि गोरखपुर जोन स्तर पर उपेंद्र सिंह इस पूरे ऑपरेशन की कमान संभालेंगे।
नीट यूजी-पीजी मेडिकल प्रवेश परीक्षा और जेईई मेंस व एडवांस जैसी परीक्षाएं एनटीए और एनबीईएमएस द्वारा आयोजित की जाती हैं, जिनमें हर साल लाखों छात्र अपनी किस्मत आजमाते हैं। ऐसे में अगर एक भी तकनीकी चूक या साइबर साजिश कामयाब हो गई, तो न सिर्फ परीक्षा की साख बल्कि लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लग जाएगा। इसी खतरे को भांपते हुए सरकार ने डिजिटल सिक्योरिटी को और मजबूत करने का फैसला लिया है।
साइबर कमांडो परीक्षा से पहले, परीक्षा के दौरान और बाद तक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पहरा देंगे। सर्वर ट्रैफिक की निगरानी, संदिग्ध गतिविधियों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग, सोशल मीडिया और डार्क वेब पर पेपर लीक से जुड़ी अफवाहों और सूचनाओं की जांच की जाएगी। जैसे ही किसी गिरोह या शख्स की संदिग्ध हरकत सामने आएगी, फौरन कानून का शिकंजा कस दिया जाएगा।
गृह मंत्रालय ने दो टूक कहा है कि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता से खिलवाड़ करने वालों के लिए अब कोई नरमी नहीं होगी। अगर कोई शख्स या साइबर गिरोह धांधली में लिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई तय है। साइबर कमांडो की तैनाती से यह साफ संदेश है कि अब डिजिटल अंडरवर्ल्ड के अपराधियों की खैर नहीं परीक्षाएं होंगी सुरक्षित, निष्पक्ष और बेदाग।