दानापुर ज्वेलरी शॉप डकैती के बाद लुटेरे ऐसी जगह ली शरण, जहां पहुंचने के बाद पुलिस भी रह गई हैरान, जानें कैसे आए पकड़ में

बिहार के दानापुर में हुई एक बड़ी आभूषण दुकान की लूट का पटना पुलिस ने बेहद फिल्मी तरीके से खुलासा किया है। अपराधियों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए 'नशा मुक्ति केंद्र' का सहारा लिया, लेकिन अंततः वे सलाखों के पीछे पहुँच ही गए।

Patna - : 31 मार्च को दानापुर थाना क्षेत्र के सगुना मोड़ के पास एक आभूषण दुकान में हथियार के बल पर हुई सनसनीखेज डकैती मामले का पटना पुलिस ने सफल उद्भेदन कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने कुल 5 अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने पकड़े जाने के डर से सिवान के एक नशा मुक्ति केंद्र में शरण ले रखी थी।

'नशा मुक्ति केंद्र' बना था अपराधियों का ठिकाना

वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी बिहार के अलग-अलग जिलों में भाग गए थे। मुख्य आरोपी अनूप भारती ने पुलिस को चकमा देने के लिए सिवान के एक नशा मुक्ति केंद्र में खुद को भर्ती करवा लिया था। पुलिस की टेक्निकल टीम और सीसीटीवी फुटेज की मदद से अपराधियों का पीछा किया गया और महज 72 घंटों के भीतर पूरी गैंग को दबोच लिया गया।

लूट से डकैती में बदली धारा

शुरुआत में यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 309 (लूट) के तहत दर्ज किया गया था। लेकिन गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने स्पष्ट किया कि चूंकि इस घटना में 5 अपराधी शामिल थे, इसलिए अब इसे धारा 310 (डकैती) के तहत संपरिवर्तित (Convert) किया जाएगा, जिसमें सजा के प्रावधान और भी सख्त हैं।

बरामदगी और मुख्य खुलासे


पुलिस अधीक्षक (दानापुर) के नेतृत्व में गठित एसआईटी (SIT) ने अपराधियों के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:

  • जेवरात: 7 ग्राम सोना और लगभग 832 ग्राम चांदी।

  • हथियार: 2 देसी कट्टा, 1 जिंदा कारतूस और 2 खोखा।

  • वाहन: घटना में प्रयुक्त 1 चोरी की स्कूटी और 1 मोटरसाइकिल।

  • अन्य: 3 मोबाइल फोन और एक 'बेहोश करने वाला स्प्रे' (जिसका उपयोग करने की उनकी योजना थी)।

  • नशे की लत और पहली वारदात


पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई है कि गैंग के कई सदस्य नशे के आदी हैं और पैसे की जरूरत पूरी करने के लिए उन्होंने अपराध की दुनिया में कदम रखा। गैंग का मास्टरमाइंड अनूप भारती (सिवान) है, जबकि रोहित कुमार (शाहपुर, पटना) ने रेकी करने और गोपनीय सूचनाएं पहुंचाने में मुख्य भूमिका निभाई थी।

पटना पुलिस ने बताया कि इस मामले में अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए स्पीडी ट्रायल चलाया जाएगा और सभी की टीआईपी (Test Identification Parade) कराई जाएगी।

रिपोर्ट - अनिल कुमार