तेजस्वी का हमला: 'बिहार में विकास ठप और मंत्रियों के मन में फूट रहे हैं लड्डू'
तेजस्वी यादव ने बिहार की कानून व्यवस्था, शराबबंदी और चुनावी वादों को लेकर सरकार को घेरा। जानें केरल और झारखंड को लेकर उनके क्या रहे बड़े खुलासे।
Patna - पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने अपने केरल दौरे का अनुभव साझा करते हुए कहा कि वहां का राजनीतिक माहौल पूरी तरह से एलडीएफ (LDF) के पक्ष में है। उन्होंने बताया कि पिछले 10 वर्षों से वहां एलडीएफ की सरकार मजबूती से काम कर रही है और इस बार भी जनता का भारी समर्थन देखने को मिल रहा है। तेजस्वी के अनुसार, जिस तरह का जनसैलाब चुनाव प्रचार के दौरान उमड़ा, उससे स्पष्ट है कि केरल में वामपंथी गठबंधन अपनी जीत की हैट्रिक लगाने जा रहा है।
बिहार की कानून व्यवस्था और जहरीली शराब पर प्रहार
बिहार की आंतरिक स्थिति पर चर्चा करते हुए तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार को कानून व्यवस्था के मोर्चे पर पूरी तरह विफल बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शराबबंदी के बावजूद जहरीली शराब से होने वाली मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है, जो प्रशासन की मिलीभगत और विफलता का प्रमाण है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि नई सरकार बनने के बाद से अपराध की घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि हुई है और लॉ एंड ऑर्डर केवल कागजों तक सीमित रह गया है।
चुनावी वादों और बिजली दरों पर सरकार को घेरा
विकास कार्यों और जनता से किए गए वादों को लेकर भी तेजस्वी ने एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने याद दिलाया कि चुनाव के समय महिलाओं को ₹2 लाख देने का वादा किया गया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार इस पर चुप्पी साधे हुए है। इसके अलावा, उन्होंने बिजली की दरों में की गई बढ़ोतरी को जनता के साथ बड़ा धोखा करार दिया। उनके अनुसार, 'पढ़ाई, दवाई, कमाई, सिंचाई और सुनवाई' वाली प्राथमिकताओं से हटकर यह सरकार केवल आंकड़ों के खेल में उलझी हुई है।
कुर्सी की खींचतान और 'मन में लड्डू' वाला तंज
तेजस्वी ने सरकार के भीतर चल रही आपसी खींचतान पर चुटकी लेते हुए कहा कि यहाँ सत्ता पक्ष के नेताओं के 'मन में लड्डू फूट रहे हैं'। हर कोई इसी जुगाड़ में लगा है कि उसे मुख्यमंत्री या बड़ी जिम्मेदारी मिल जाए। उन्होंने भाजपा नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे केवल 'तेल-मालिश' (TTM) की राजनीति कर रहे हैं ताकि उन्हें सत्ता का सुख मिल सके। तेजस्वी ने साफ किया कि जनता ने किसी के नाम पर मुहर नहीं लगाई है और वे इन स्वार्थी समीकरणों को देख रही है।
झारखंड मामले और संवैधानिक तंत्र पर चिंता
अंत में, तेजस्वी यादव ने झारखंड के राजनीतिक घटनाक्रम और जांच एजेंसियों के दुरुपयोग पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने इसे 'अद्भुत' बताया कि एक बहाल मुख्यमंत्री के रहते हुए अधिकारी उनके इस्तीफे की कल्पना कर लेटर जारी कर देते हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत बताते हुए कहा कि यह सरकार केवल संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर विपक्ष को दबाने और चुनाव जीतने के घमंड में चूर है, जबकि जमीन पर कोई ठोस काम नहीं हो रहा है।
Report - Ranjan kumar