पटना: मूक-बधिर कन्या विद्यालय में स्वास्थ्य व जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, SCERT की अनूठी पहल

पटना के गायघाट स्थित मूक-बधिर कन्या विद्यालय में SCERT के समावेशी शिक्षा विभाग द्वारा विशेष स्वास्थ्य व जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। UNFPA विशेषज्ञों ने सांकेतिक भाषा के जरिए छात्राओं को स्वच्छता और बेहतर जीवनशैली की जानकारी दी।

श्रवण-बाधित छात्राओं को सांकेतिक भाषा में मिले सेहत के गुर,पटना के गायघाट में विशेष आउटरीच प्रोग्राम- फोटो : Reporter

पटना के गायघाट स्थित राजकीय मूक-बधिर कन्या विद्यालय में विशेष आवश्यकता वाली श्रवण-बाधित छात्राओं के लिए एक विशेष आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), बिहार के समावेशी शिक्षा विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में कक्षा 6 से 8 तक की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बालिकाओं के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के साथ-साथ समावेशी शिक्षा की अवधारणा को सुदृढ़ करना था।

छात्राओं को स्वास्थ्य, स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली का दिया गया संदेश

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने छात्राओं को व्यक्तिगत स्वच्छता, स्वास्थ्य देखभाल, पोषण और एक बेहतर जीवनशैली अपनाने के व्यावहारिक सुझाव दिए। UNFPA की प्रतिनिधि डॉ. अनुभूति ने छात्राओं को स्वास्थ्य और कल्याण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। विशेष बात यह रही कि उनकी बातों और जानकारियों को सांकेतिक भाषा (Sign Language) के माध्यम से CRC से आईं सुश्री मोनिका ने छात्राओं तक बेहद सरल और प्रभावी ढंग से पहुंचाया, जिससे सभी छात्राएं विषय को आसानी से समझ सकीं।

प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञों की गरिमामयी उपस्थिति

इस अवसर पर SCERT के समावेशी शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. नवेद हसन खाँ की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम में UNFPA के राज्य प्रतिनिधि श्री राहुल कुमार और अनुमंडलीय अस्पताल, दानापुर की काउंसलर श्रीमती शर्मिला भी शामिल हुईं। अतिथियों का परिचय विभाग के व्याख्याता विजय कुमार भास्कर ने कराया, जबकि श्रीमती निरूपमा ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। उपस्थित विशेषज्ञों ने छात्राओं को अपने दैनिक जीवन में स्वच्छता और सतर्कता बरतने के लिए प्रेरित किया।

समावेशी शिक्षा और छात्राओं के समग्र विकास पर बल

कार्यक्रम का समापन समावेशी शिक्षा विभाग की व्याख्याता श्रीमती कुमारी अमृता के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस सफल आउटरीच कार्यक्रम ने न केवल श्रवण-बाधित बालिकाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक और सजग किया, बल्कि यह भी संदेश दिया कि सही मार्गदर्शन और माध्यम से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को समाज की मुख्यधारा से प्रभावी ढंग से जोड़ा जा सकता है। यह आयोजन समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में एक अनुकरणीय पहल साबित हुआ।