खगड़िया के लाल विनोद अनुपम बने CBFC के सदस्य : तीन वर्षों के लिए हुआ मनोनयन, क्षेत्र में खुशी की लहर

खगड़िया के लाल विनोद अनुपम बने CBFC के सदस्य : तीन वर्षों के
खगड़िया के लाल विनोद अनुपम बने CBFC के सदस्य- फोटो : अमित कुमार

Khagaria : जिले के परबत्ता प्रखंड अंतर्गत कबेला गांव के मूल निवासी और प्रख्यात फिल्म समीक्षक विनोद अनुपम को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) का सदस्य मनोनीत किया गया है। उन्हें तीन वर्षों के लिए बोर्ड की यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। बिहार से चर्चित अभिनेता पंकज त्रिपाठी के बाद विनोद अनुपम का इस प्रतिष्ठित बोर्ड में मनोनयन पूरे जिले और प्रदेश के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है।


प्रशासनिक परिवार से ताल्लुक रखते हैं विनोद अनुपम

विनोद अनुपम के पिता स्वर्गीय सुरेश चंद्र राय बिहार प्रशासनिक सेवा के एक प्रतिष्ठित अधिकारी रहे थे। उनका पैतृक निवास खगड़िया जिले के परबत्ता थाना क्षेत्र स्थित कबेला गांव है, जहाँ से निकलकर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी बौद्धिक और कलात्मक पहचान स्थापित की है।


जमालपुर से शुरू हुई शिक्षा और FTII पुणे से लिया फिल्म एप्रिसिएशन का प्रशिक्षण

उनकी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा मुंगेर और जमालपुर से हुई। उन्होंने मैट्रिक आर.बी. उच्च विद्यालय, मुंगेर से, इंटरमीडिएट व स्नातक जेआरएस कॉलेज, जमालपुर से तथा टीएमबीयू भागलपुर से हिंदी में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने पुणे स्थित प्रतिष्ठित फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) से फिल्म एप्रिसिएशन का विशेष प्रशिक्षण हासिल किया।


राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के ‘स्वर्ण कमल’ से हो चुके हैं सम्मानित

फिल्म समीक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें वर्ष 2002 में 49वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में देश के सर्वश्रेष्ठ फिल्म समीक्षक के रूप में ‘स्वर्ण कमल’ से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा वे राज्यस्तरीय युवा लेखक पुरस्कार से भी नवाजे जा चुके हैं। उनकी प्रमुख रचनाओं में बिहार की संस्कृति पर आधारित ‘बिहार विहार’ और ‘बिहार के 100 रत्न’ शामिल हैं।


सांस्कृतिक संस्थाओं में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका, स्थानीय लोगों में जश्न का माहौल

साहित्य और सिनेमा के साथ-साथ उन्होंने सांस्कृतिक क्षेत्र में भी कई अहम दायित्व संभाले हैं। वे बिहार संगीत नाटक अकादमी, पटना के पूर्व सचिव एवं सदस्य तथा पूर्वी क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, कोलकाता के सदस्य के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। सीबीएफसी में उनके मनोनयन से उनके पैतृक गांव कबेला सहित पूरे परबत्ता और खगड़िया क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

अमित की रिपोर्ट