दीपा मांझी का रोहिणी आचार्य पर तीखा हमला: 'राजसी-सामंती मानसिकता छोड़ें, जैसा बोलोगी वैसा सुनोगी'
बिहार के दो राजनीतिक घरानों के बहू-बेटी के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है। दोनो ओर से सोशल मीडिया पर जमकर बयान बाजी हो रही है। लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य के बयान पर केन्द्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की बहू दीपा मांझी तीखा पलटवार की है.....
Patna : बिहार की राजनीति में जुबानी जंग तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की बहू दीपा मांझी ने राजद नेता रोहिणी आचार्य के हालिया बयानों पर जोरदार पलटवार करते हुए उन्हें करारा जवाब दिया है। दीपा मांझी ने रोहिणी आचार्य पर 'राजसी और सामंती मानसिकता' से ग्रस्त होने का आरोप लगाया और कहा कि किसी को भी दूसरों के माता-पिता व बुजुर्गों का अपमान करने का अधिकार नहीं है।
दलित परिवारों के बुजुर्गों का भी उतना ही सम्मान: दीपा मांझी
दीपा मांझी ने सोशल मीडिया पर रोहिणी आचार्य को संबोधित करते हुए लिखा, "रोहिणी आचार्य जी, माता-पिता आपके लिए सम्मानित हैं तो किसी दलित परिवार के माता-पिता भी उतने ही सम्मानित हैं। ऐसा बिल्कुल नहीं है कि आपके परिवार के बुजुर्ग महान हैं और दलित परिवारों के माता-पिता का कोई महत्व या सम्मान नहीं है। इस राजसी और सामंती मानसिकता से बाहर आइए। लोकतंत्र में किसी परिवार को यह अधिकार नहीं मिलता कि वह दूसरों के माता-पिता और बुजुर्गों का अपमान करे।"
'हमारे परिवार में बेटी और बहू में फर्क नहीं'
अपने ससुर जीतन राम मांझी के सम्मान का बचाव करते हुए दीपा मांझी ने आगे कहा कि उनके लिए भी उनके ससुर जीतन राम मांझी का सम्मान सर्वोपरि है। उन्होंने आरजेडी परिवार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके परिवार में बेटी और बहू में कोई अंतर नहीं माना जाता, सबको बराबर सम्मान और अधिकार मिलता है। उन्होंने कहा कि रोहिणी आचार्य को अपने परिवार के उन प्रसंगों पर भी आत्ममंथन करना चाहिए जहां बहुओं और बेटियों के साथ व्यवहार को लेकर सार्वजनिक सवाल उठते रहे हैं।
राजनीति में दोहरे मापदंड नहीं चलेंगे
दीपा मांझी ने रोहिणी आचार्य द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली राजनीतिक भाषा पर सवाल उठाए और दोहरे मापदंडों का विरोध किया। उन्होंने कहा, "यह कैसी राजनीति है कि आप बोलें तो वह 'एक बेटी का जवाब' हो और कोई आपको उसी भाषा में जवाब दे तो वह अमर्यादित हो जाए? यह दोहरा मापदंड अब नहीं चलेगा।"
'जैसा बोलोगी, वैसा ही सुनोगी'
अंत में कड़ा संदेश देते हुए दीपा मांझी ने लिखा, "किसी के माता-पिता को अपमानित करने के बाद सम्मान की दुहाई मत दीजिए। जैसा बोलोगी, वैसा ही सुनोगी। अब कोई डरने वाला नहीं है और न ही अपने परिवार के सम्मान पर चोट को चुपचाप सहने वाला है। सम्मान चाहिए तो सम्मान देना भी सीखिए।"