Bihar Politics:एनडीए में सियासी झटका, MLC का टिकट कटा तो मंत्री पद पर भी संकट, दीपक प्रकाश की विदाई लगभग तय, सोशल मीडिया के फेसबुक प्रोफाइल से ये बड़ी बात हटाया

Bihar Politics: दीपक प्रकाश ने अपने सोशल मीडिया के फेसबुक प्रोफाइल और बायोग्राफी से मंत्री पद से जुड़ा उल्लेख हटा दिया।

दीपक प्रकाश की मंत्री पद की कुर्सी से विदाई लगभग तय- फोटो : reporter

Bihar Politics: बिहार की सियासत में विधान परिषद चुनाव के बीच एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा  प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बेटे और पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश  का मंत्री पद जाना लगभग तय माना जा रहा है। भाजपा की ओर से विधान परिषद के उम्मीदवारों की सूची जारी होने के बाद दीपक प्रकाश के विधान परिषद पहुंचने की संभावनाओं पर लगभग विराम लग गया है, जिससे उनकी मंत्री कुर्सी भी खतरे में पड़ गई है।

सूत्रों के मुताबिक, अंतिम समय में उपेंद्र कुशवाहा और भाजपा नेतृत्व के बीच राजनीतिक सहमति नहीं बन सकी। बताया जा रहा है कि भाजपा ने अपने कोटे की चारों विधान परिषद सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी, लेकिन दीपक प्रकाश को जगह नहीं मिली। इसके बाद से राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि वह जल्द ही मंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं।

इस बीच एक और महत्वपूर्ण संकेत तब मिला जब दीपक प्रकाश ने अपने सोशल मीडिया के फेसबुक प्रोफाइल और बायोग्राफी से मंत्री पद से जुड़ा उल्लेख हटा दिया। इसे राजनीतिक हलकों में आगामी इस्तीफे की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।

दरअसल, दीपक प्रकाश 7 मई को दूसरी बार मंत्री बने थे, लेकिन वह न तो विधानसभा के सदस्य हैं और न ही विधान परिषद के। संवैधानिक प्रावधानों के तहत किसी भी मंत्री को छह महीने के भीतर किसी सदन का सदस्य बनना अनिवार्य होता है। अब विधान परिषद का रास्ता बंद होने के बाद उनके सामने विकल्प बेहद सीमित रह गए हैं।

सियासी सूत्रों का दावा है कि भाजपा नेतृत्व ने दीपक प्रकाश को विधान परिषद भेजने के लिए उपेंद्र कुशवाहा के सामने दो शर्तें रखी थीं। हालांकि कुशवाहा ने उन शर्तों को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद दोनों दलों के बीच बातचीत बेनतीजा रही और मामला आगे नहीं बढ़ सका।

अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि दीपक प्रकाश कब औपचारिक रूप से मंत्री पद से इस्तीफा देते हैं। यह घटनाक्रम एनडीए की अंदरूनी राजनीति और सहयोगी दलों के बीच शक्ति संतुलन को लेकर भी कई नए सवाल खड़े कर रहा है।