बिहार में डिप्टी सीएम का एक्शन: 3 और सीओ सस्पेंड, सीएम नीतीश के समृद्धि यात्रा में अड़ंगा डालना पड़ा भारी
बिहार के डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने बक्सर, भागलपुर और सीतामढ़ी के सीओ को निलंबित कर दिया है। सीएम की समृद्धि यात्रा और सरकारी कार्यों में लापरवाही के कारण हुई बड़ी कार्रवाई।
Patna - राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अनुशासनहीनता और काम में लापरवाही के आरोप में तीन अधिकारियों पर निलंबन की गाज गिराई है। निलंबित होने वालों में बक्सर सदर के सीओ राहुल कुमार, भागलपुर (शाहकुंड) की सीओ हर्षा कोमल और सीतामढ़ी (डुमरा) की सीओ डौली कुमारी शामिल हैं। विभाग की ओर से शनिवार को इनके निलंबन का औपचारिक आदेश जारी कर दिया गया।
सीएम की 'समृद्धि यात्रा' में अड़ंगा डालना पड़ा भारी
इन अधिकारियों पर सबसे गंभीर आरोप मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की 'समृद्धि यात्रा' में व्यवधान पैदा करने का है। बताया जा रहा है कि इन अधिकारियों ने न केवल मुख्यमंत्री की यात्रा में अड़ंगा लगाया, बल्कि डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के ड्रीम प्रोजेक्ट 'भूमि सुधार जन कल्याण संवाद' कार्यक्रम से भी नदारद रहे। इसे विभागीय मंत्री के आदेशों की खुली अवहेलना और सरकारी कार्यों में अवरोध माना गया है।
वित्तीय अनियमितता और कोर्ट के आदेश की अनदेखी
निलंबन के पीछे केवल हड़ताल ही वजह नहीं है, बल्कि इनके कामकाज का रिकॉर्ड भी खराब पाया गया। विभाग के अनुसार, इन अधिकारियों ने मार्च 2026 में महालेखाकार को उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) उपलब्ध नहीं कराया और राजस्व संग्रहण के लक्ष्य को पूरा करने में विफल रहे। इसके अलावा, हाईकोर्ट के अतिक्रमण हटाने वाले आदेशों की अवहेलना करना भी इनके निलंबन का एक मुख्य कारण बना।
हड़ताल पर अड़े अधिकारियों को अंतिम चेतावनी
बिहार में अंचल और राजस्व अधिकारी पिछले एक महीने से हड़ताल पर हैं। डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने शुक्रवार शाम तक काम पर लौटने की मोहलत दी थी, जिसे अधिकारियों ने अनसुना कर दिया। इससे पहले भी पटना सदर के सीओ रजनीकांत सहित तीन अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है। सरकार ने अब साफ कर दिया है कि जो अधिकारी काम पर नहीं लौटेंगे, उनका 'सर्विस ब्रेक' कर दिया जाएगा और उन्हें भविष्य में प्रमोशन के लाभ से वंचित रखा जाएगा।
आर-पार के मूड में सरकार
डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने स्पष्ट कर दिया है कि जनहित के कार्यों में बाधा डालने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। एक तरफ जहाँ कुछ अधिकारी कार्रवाई के डर से काम पर लौट रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ हड़ताली संघ अब भी अपनी मांगों पर अड़ा है। सरकार की इस हालिया कार्रवाई से स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में और भी कई अधिकारियों पर गाज गिर सकती है।