श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का भव्य शुभारंभ, कलश यात्रा में शामिल हुए विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार चौबे

यह महायज्ञ अधिक ज्येष्ठ शुक्ल दशमी, मंगलवार 26 मई 2026 से प्रारंभ होकर अधिक ज्येष्ठ पूर्णिमा, रविवार 30 मई 2026 को पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारे के साथ संपन्न होगा।

Shri Lakshmi Narayan Mahayagna
Shri Lakshmi Narayan Mahayagna - फोटो : news4nation

Bihar News : पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर सारिमपुर-अहिरौली स्थित मां गंगा के पावन तट पर अवस्थित श्रीवरदराज मंदिर प्रांगण में आयोजित श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ, अभूतपूर्व अष्टोत्तर-सहस्र ताम्र कलशाभिषेक एवं श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ मंगलवार को भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। इस अवसर पर विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार चौबे भी श्रद्धापूर्वक सम्मिलित हुए और संत-महात्माओं का आशीर्वाद प्राप्त किया।


यह महायज्ञ अधिक ज्येष्ठ शुक्ल दशमी, मंगलवार 26 मई 2026 से प्रारंभ होकर अधिक ज्येष्ठ पूर्णिमा, रविवार 30 मई 2026 को पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारे के साथ संपन्न होगा। कलश यात्रा में श्रद्धालुओं, मातृशक्ति एवं सनातन धर्म प्रेमियों की भारी सहभागिता देखने को मिली। वैदिक मंत्रोच्चार, भक्ति संगीत और जयघोष से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठा।



अनंतकोटि ब्रह्मांडनायक देवाधिदेव भगवान श्रीवरदराज की असीम कृपा तथा भक्ति-पथ-प्रदर्शक परम पूज्य श्री श्री 1008 स्वामी श्री वेंकटाचार्य महाराज के पावन सत्य-संकल्प से, उनके चरणाश्रित महंत श्री श्री 108 स्वामी मधुसूदनाचार्य जी महाराज के सान्निध्य में इस दिव्य महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। 


इस अवसर पर विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार चौबे ने कहा, सनातन संस्कृति और वैदिक परंपराएं ही भारत की आत्मा हैं। मां गंगा के पावन तट पर आयोजित यह महायज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सनातन चेतना के जागरण का महापर्व है। ऐसे आयोजनों से समाज में आध्यात्मिक ऊर्जा, सांस्कृतिक एकता और धर्म के प्रति आस्था का विस्तार होता है। विश्वामित्र सेना सदैव सनातन धर्म एवं भारतीय संस्कृति के संरक्षण और जागरण के लिए समर्पित रहेगी।