Bihar drowning news: माघ पूर्णिमा पर गंगा स्नान के दौरान बड़ा हादसा, दीघा में दो लोग डूबे, बहादुर महिला पुलिस ने लगाई छलांग, कोशिश रही नाकाम

Bihar drowning news: माघ पूर्णिमा पर दीघा के पाटीपुल घाट पर गंगा स्नान के दौरान दो लोगों की डूबने से मौत हो गई। इस दौरान महिला पुलिसकर्मी ने बहादुरी दिखाई और पानी में छलांग लगाकर बचाने की कोशिश की।

दीघा घाट पर गंगा में डूबे लोग- फोटो : social media

Bihar drowning news: माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर रविवार सुबह पटना के दीघा थाना क्षेत्र स्थित पाटीपुल घाट पर गंगा स्नान के दौरान बड़ा हादसा हो गया। गयाजी जिले के चाकंद थाना क्षेत्र के पाचू बिगहा गांव के रहने वाले दो लोग गंगा में डूब गए। घटना के बाद घाट पर अफरा-तफरी मच गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।डूबने वालों की पहचान 30 वर्षीय धनंजय कुमार और 50 वर्षीय बाबू उर्फ रविंद्र कुमार के रूप में हुई है। दोनों अपने परिवार के साथ गंगा स्नान के लिए पटना पहुंचे थे।

स्नान के दौरान गहरे पानी में चले गए दोनों लोग

मिली जानकारी के अनुसार, धनंजय और बाबू अपने परिवार के साथ चाकंद से पटना जंक्शन पहुंचे थे। वहां से ऑटो के जरिए वे पाटीपुल घाट आए। सुबह करीब नौ बजे दोनों गंगा स्नान के लिए घाट पर उतरे। स्थानीय लोगों ने बताया कि घाट पर किसी तरह की घेराबंदी या सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी और किनारे के पास ही पानी काफी गहरा था। जैसे ही दोनों गंगा में उतरे, वे संतुलन खो बैठे और डूबने लगे। कुछ ही पलों में दोनों पानी में नजरों से ओझल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही दीघा पुलिस, यातायात पुलिस और गाय घाट से एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची।

दिनभर चला सर्च ऑपरेशन, सोमवार को फिर होगी तलाश

स्थानीय गोताखोरों और एसडीआरएफ की टीम ने पूरे दिन सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन शाम तक दोनों का कोई पता नहीं चल सका। दीघा थानेदार ने बताया कि सोमवार को दोबारा सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा। घटनास्थल पर मौजूद परिजनों, खासकर महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल था। बताया गया कि धनंजय पेशे से राजमिस्त्री थे और उनके परिवार में पत्नी और दो बेटियां हैं।

महिला पुलिसकर्मी ने दिखाई बहादुरी, वर्दी में ही गंगा में कूदीं

इस हादसे के दौरान एक महिला पुलिसकर्मी की बहादुरी भी सामने आई है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दीघा घाट पर तैनात महिला यातायात सिपाही तारा कुमारी ने बिना किसी सुरक्षा उपकरण के वर्दी में ही गंगा नदी में छलांग लगा दी। उन्होंने डूब रहे युवकों को खोजने और बचाने की पूरी कोशिश की। जान की परवाह किए बिना कर्तव्य और मानवता को प्राथमिकता देते हुए वह काफी देर तक गंगा में तलाश करती रहीं। पुलिस विभाग में उनकी इस बहादुरी की जमकर सराहना की जा रही है।