बिहार में राजस्व कार्यों की डिजिटल घेराबंदी: अब हर दिन होगी अंचलों की सीधी समीक्षा
Bihar News : राज्य के अंचलों में चल रहे कार्यों की प्रतिदिन विभागीय स्तर से सीधी मॉनिटरिंग की जाएगी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से यह नई व्यवस्था लागू की है...
Patna : बिहार के अंचलों में राजस्व एवं भूमि सुधार संबंधी कार्यों की सुस्त रफ्तार पर लगाम कसने के लिए विभाग ने कमर कस ली है। अब राज्य के अंचलों में चल रहे कार्यों की प्रतिदिन विभागीय स्तर से सीधी मॉनिटरिंग की जाएगी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से यह नई व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत अंचल स्तर पर लंबित मामलों का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
सचिव खुद करेंगे वीसी के जरिए पड़ताल
विभागीय सचिव जय सिंह द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, अब प्रतिदिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से कार्यों की प्रगति की समीक्षा होगी। सचिव स्वयं या उनके द्वारा अधिकृत कोई वरीय पदाधिकारी हर रोज दोपहर 3:30 बजे से 4:00 बजे तक अंचल अधिकारियों के साथ जुड़ेंगे। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य अंचल कार्यालयों में होने वाली देरी को खत्म करना और आम जनता को समय पर सेवा उपलब्ध कराना है।
हर दिन दो अंचलों की होगी गहन जांच
इस मॉनिटरिंग सिस्टम की खास बात यह है कि हर दिन राज्य के किन्हीं दो अंचलों का रैंडम चयन किया जाएगा। बैठक में संबंधित अंचल अधिकारी (CO) और राजस्व अधिकारी (RO) की मौजूदगी अनिवार्य की गई है। विभागीय आईटी मैनेजर प्रतिदिन सुबह 10 बजे चयनित अंचलों को वीसी लिंक और सूचना उपलब्ध कराएंगे, जिससे अधिकारियों को अपनी रिपोर्ट के साथ तैयार रहने का मौका मिलेगा।
दाखिल-खारिज और ई-मापी पर विशेष नजर
समीक्षा के दौरान विभाग कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर फोकस करेगा। इसमें मुख्य रूप से ऑनलाइन दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस, ई-मापी, अभियान बसेरा और सरकारी भूमि के सत्यापन जैसे मामले शामिल हैं। इसके अलावा लोक भूमि अतिक्रमण हटाने और लोक शिकायतों के निवारण की भी विस्तार से पड़ताल की जाएगी। विभाग का मानना है कि इस निरंतर निगरानी से राजस्व महा-अभियान के लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जा सकेगा।
जिलाधिकारियों को भी सक्रिय होने के निर्देश
विभागीय स्तर से शुरू हुई इस पहल को सफल बनाने के लिए सभी जिला समाहर्ताओं (DM) को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। उन्हें अपने स्तर से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि चयनित अंचल के अधिकारी बैठक में पूरी जानकारी के साथ शामिल हों। इस आदेश की प्रति सभी अपर समाहर्ताओं और भूमि सुधार उप समाहर्ताओं को भी भेजी गई है, ताकि अंचल प्रशासन की जवाबदेही को जिला स्तर पर भी मजबूती मिल सके।
वंदना की रिपोर्ट