Bihar IPS News: बिहार में IPS अफसरों की खैर नहीं! अधिकारियों के काम की होगी पल-पल की निगरानी, जानिए नीतीश सरकार का नया सिस्टम

Bihar IPS News: बिहार में आईपीएस अधिकारियों की कार्यप्रणाली को और पारदर्शी व जवाबदेह बनाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब iGOT Karmayogi Portal के जरिए अधिकारियों की ट्रेनिंग, प्रदर्शन और मूल्यांकन की डिजिटल निगरानी अनिवार्य कर दी गई है..

IPS अधिकारियों पर सख्त निगरानी- फोटो : social media

Bihar IPS News: बिहार के प्रशासनिक गलियारे से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। गृह विभाग अब राज्य के IPS अधिकारियों की कार्यशैली और प्रदर्शन पर डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए पैनी नजर रखने जा रहा है। इस नई 'डिजिटल मॉनीटरिंग' व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य पुलिसिंग में पारदर्शिता लाना और जिला कप्तानों की जवाबदेही तय करना है। अब फील्ड में अधिकारियों की हर गतिविधि और अपराध नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों का डिजिटल रिकॉर्ड मुख्यालय स्तर पर संकलित किया जाएगा।

अधिकारियों पर रहेगी नजर 

मिली जानकारी अनुसार केंद्र सरकार के निर्देश के बाद iGOT कर्मयोगी पोर्टल के जरिए अधिकारियों की ट्रेनिंग, प्रदर्शन और मूल्यांकन को अनिवार्य कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत हर आईपीएस अधिकारी को अपने सेवाकाल के अनुसार निर्धारित कोर्स पूरे करने होंगे और अपनी पूरी प्रोफाइल पोर्टल पर अपडेट करनी होगी।

क्या-क्या जानकारी देनी होगी?

अधिकारियों को सर्विस डिस्क्रिप्शन, कैडर डिटेल्स, ट्रेनिंग स्टेटस और जॉब परफॉर्मेंस जैसी अहम जानकारियां पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी। इससे सरकार को हर अधिकारी की कार्यक्षमता और गतिविधियों की रियल टाइम जानकारी मिल सकेगी। अब केंद्रीय प्रतिनियुक्ति, विशेष पदस्थापन और प्रमोशन में अधिकारियों के काम और डिजिटल रिकॉर्ड की अहम भूमिका होगी। इसका सीधा प्रभाव वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन (APAR) पर भी पड़ेगा।

लापरवाही पर पड़ेगा असर

यदि कोई अधिकारी समय पर कोर्स पूरा नहीं करता या अपनी प्रोफाइल अपडेट नहीं करता है, तो उसके मूल्यांकन पर नकारात्मक असर पड़ेगा। इससे अधिकारियों पर बेहतर प्रदर्शन करने का दबाव बढ़ेगा और लापरवाही की गुंजाइश कम होगी। नई प्रणाली के तहत अब हर आईपीएस अधिकारी का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप में उपलब्ध रहेगा। मूल्यांकन प्रक्रिया ऑनलाइन होने से पारदर्शिता बढ़ेगी और गड़बड़ियों की संभावना कम होगी।