बिहार विधान सभा में स्थापित होगी 'संविधान सभा के प्रथम अध्यक्ष की भव्य प्रतिमा, ऋतुराज सिन्हा की पहल लाई रंग

बिहार विधान सभा परिसर में डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा की भव्य प्रतिमा स्थापित होगी। ऋतुराज सिन्हा की पहल पर विधान सभा सचिवालय ने सरकार को भेजा पत्र। जानें पूरी खबर।

बिहार विधान सभा में स्थापित होगी 'संविधान सभा के प्रथम अध्यक

Patna - : बिहार के निर्माण में केंद्रीय भूमिका निभाने वाले और भारतीय संविधान सभा के प्रथम अध्यक्ष डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को अब उनके ऐतिहासिक योगदान के अनुरूप सम्मान मिलने जा रहा है। बिहार विधान सभा सचिवालय ने विधान सभा परिसर के भीतर उनकी एक भव्य प्रतिमा स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस संबंध में सचिवालय द्वारा राज्य के मंत्रिमंडल सचिवालय को आवश्यक कार्रवाई के लिए औपचारिक पत्र प्रेषित कर दिया गया है।

प्रतिमा स्थापना हेतु प्रशासनिक पहल

बिहार विधान सभा सचिवालय के अवर सचिव संजीव कुमार द्वारा जारी पत्र (पत्रांक-सी.टी.-12/2024-238) के अनुसार, डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा की 125वीं जयंती के गौरवशाली अवसर पर विधान सभा परिसर में उनकी भव्य प्रतिमा लगाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। सचिवालय ने मंत्रिमंडल सचिवालय से अनुरोध किया है कि इस ऐतिहासिक कार्य को संपन्न करने के लिए विभाग अपने स्तर से त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करे।

ऋतुराज सिन्हा ने उठाई थी मांग

इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के पीछे भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा की सक्रिय पहल रही है। श्री सिन्हा ने दिसंबर 2025 में पत्र लिखकर राज्य सरकार से मांग की थी कि बिहार के निर्माता को विधान सभा जैसे गरिमामयी स्थान पर स्थान दिया जाए। उनकी इस मांग को स्वीकार करते हुए विधान सभा सचिवालय ने उनके पत्रांक-37/2025 के आलोक में अब सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है।

लोकतांत्रिक विरासत का सम्मान

प्रतिमा स्थापना के साथ-साथ विधान सभा परिसर में डॉ. सिन्हा की लोकतांत्रिक परंपरा और योगदान को रेखांकित करने हेतु एक विशेष स्मारक या सूचना पट्ट (Information Plaque) भी स्थापित किया जाएगा। श्री ऋतुराज सिन्हा ने कहा कि डॉ. सिन्हा ने न केवल आधुनिक बिहार की नींव रखी, बल्कि देश के संविधान निर्माण की प्रक्रिया में भी ऐतिहासिक नेतृत्व प्रदान किया। उनकी प्रतिमा स्थापित होना राज्य की गौरवशाली विरासत का सम्मान है।

भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा

ऋतुराज सिन्हा ने इस सकारात्मक निर्णय के लिए राज्य सरकार और विधान सभा सचिवालय के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कार्य जल्द ही पूर्ण होगा, जिससे आने वाली पीढ़ियां डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा के राष्ट्रसेवा और लोकतांत्रिक आदर्शों से प्रेरणा ले सकेंगी। यह कदम बिहार के उस महान सपूत को सच्ची श्रद्धांजलि होगा, जिन्होंने स्वतंत्र बिहार के सपने को साकार किया था।