Bihar News : बिहार में डिप्लोमाधारी छात्रों का बीटेक में होगा ‘लेटरल एंट्री’, इस दिन तक कर सकते हैं कॉलेज और ब्रांच का चयन

Bihar News : बीसीईसीईबी ने बी-टेक के दूसरे वर्ष (लेटरल एंट्री) में नामांकन के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। छात्र इस दिन तक प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं.....पढ़िए आगे

इंजीनियरिंग में लेटरल इंट्री - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (बीसीईसीईबी) ने 3 वर्षीय इंजीनियरिंग डिप्लोमा उत्तीर्ण छात्रों के लिए बी-टेक के दूसरे वर्ष (लेटरल एंट्री) में नामांकन के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए विस्तृत कार्यक्रम और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। बीसीईसीईबी ने बताया है कि इस काउंसलिंग के दौरान सीटों के आवंटन के लिए 13 जुलाई से ऑनलाइन च्वाईस फिलिंग शुरू हो चुकी है जो कि 21 जुलाई तक चलेगी। 25 जुलाई को पहले राउंड में आवंटित की गई सीटों का रिजल्ट जारी किया जाएगा। इस संबंध में अधिक जानकारी पर्षद की वेबसाइट से प्राप्त की जा सकती है।

यह काउंसलिंग बिहार के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों तथा ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के अंतर्गत संचालित डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम विमेंस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में स्नातक अभियंत्रण (बी-टेक) के विभिन्न पाठ्यक्रमों के द्वितीय वर्ष में प्रवेश के लिए आयोजित की जा रही है। पर्षद ने बताया कि बीसीईसीई (एलई)-2026 परीक्षा में सफल अभ्यर्थी अपना रैंक कार्ड पर्षद की वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं। इसके बाद अभ्यर्थियों को ऑनलाइन पोर्टल पर अपने रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड से लॉगिन कर पसंदीदा कॉलेज और ब्रांच का चयन (चॉइस फिलिंग) करना होगा।

अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी प्राथमिकता के अनुसार अधिक से अधिक कॉलेज और ब्रांच का विकल्प भरें। निर्धारित अंतिम तिथि तक वे अपने विकल्पों में संशोधन (एडिट) कर सकते हैं। यदि विकल्पों से संतुष्ट हों तो उन्हें चॉइस लॉक करना होगा। यदि लॉक करने के बाद बदलाव करना हो तो अनलॉक कर ओटीपी सत्यापन के बाद संशोधन किया जा सकता है। अंतिम तिथि के बाद विकल्पों में किसी प्रकार का बदलाव संभव नहीं होगा।

पर्षद ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई अभ्यर्थी निर्धारित समय तक स्वयं चॉइस लॉक नहीं करता है, तो अंतिम तिथि के बाद उसका विकल्प स्वयं लॉक कर दिया जाएगा। साथ ही अभ्यर्थियों को अपने भरे गए विकल्पों का प्रिंट सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है। चॉइस लॉक और अनलॉक की पूरी प्रक्रिया पंजीकृत मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी पर भेजे गए ओटीपी के माध्यम से होगी। पंजीकरण के समय दर्ज मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी में किसी भी परिस्थिति में बदलाव नहीं किया जाएगा। पर्षद ने यह भी बताया है कि चॉइस फिलिंग केवल एक बार का अवसर है। यदि कोई अभ्यर्थी पहले चरण में चॉइस फिलिंग नहीं करता है, तो उसे अगले राउंड की काउंसलिंग में दोबारा विकल्प भरने का मौका नहीं मिलेगा। निर्धारित अंतिम तिथि तक चॉइस फिलिंग करने वाले अभ्यर्थियों का मेधा सूची और विकल्पों के आधार पर सीट आवंटन किया जाएगा। सीट आवंटन का परिणाम अभ्यर्थी अपने लॉगिन के माध्यम से देख सकेंगे।