मधुमेह और मोटापे की असरदार दवा 'सेमाग्लूटाइड' अप्रैल से होगी सस्ती, मरीजों को मिलेगी भारी राहत

पटना के डॉ. दिवाकर तेजस्वी ने मधुमेह मरीजों को दी खुशखबरी। अप्रैल से शुगर और मोटापा कम करने वाली असरदार दवा 'सेमाग्लूटाइड' का पेटेंट खत्म होगा, जिससे इसके दाम काफी घट जाएंगे।

Patna -  : मधुमेह (डायबिटीज) और मोटापे की दोहरी मार झेल रहे मरीजों के लिए एक राहत भरी खबर है। वरिष्ठ चिकित्सक और 'पहल' (पब्लिक अवेयरनेस फॉर हेल्थफुल एपरोच फॉर लिविंग) के चिकित्सा निदेशक डॉ. दिवाकर तेजस्वी ने खुलासा किया है कि आधुनिक चिकित्सा में बेहद कारगर मानी जाने वाली दवा सेमाग्लूटाइड (Semaglutide) अप्रैल 2026 से आम लोगों के लिए काफी सस्ती और सुलभ हो जाएगी।

टी.पी.एस. कॉलेज में 'वॉक फॉर लाइफ' कार्यक्रम में दी जानकारी

डॉ. तेजस्वी सोमवार, 16 मार्च 2026 को आस्था फाउंडेशन द्वारा आयोजित "वॉक फॉर लाइफ" डायबिटीज अवेयरनेस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने टी.पी.एस. कॉलेज के छात्रों और शिक्षकों को मधुमेह के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में चिकित्सा क्षेत्र में हुई नई खोजों ने मधुमेह के उपचार में एक नई आशा जगाई है।

सेमाग्लूटाइड: एक दवा, दोतरफा वार


सेमाग्लूटाइड की खूबियों पर चर्चा करते हुए डॉ. तेजस्वी ने बताया कि यह नई दवा न केवल रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) को नियंत्रित करने में अत्यधिक प्रभावी है, बल्कि यह शरीर के बढ़ते वजन और मोटापे को कम करने में भी काफी मददगार साबित हुई है। इस कारण यह दवा उन मरीजों के लिए एक वरदान की तरह है जो मधुमेह के साथ-साथ मोटापे की समस्या से भी जूझ रहे हैं।

अप्रैल में खत्म होगा पेटेंट, घटेंगे दाम

मरीजों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी साझा करते हुए डॉ. तेजस्वी ने जानकारी दी कि आगामी अप्रैल माह के पहले सप्ताह से सेमाग्लूटाइड दवा का पेटेंट (Patent) समाप्त होने वाला है। पेटेंट खत्म होने के बाद अन्य कंपनियाँ भी इस दवा का जेनेरिक संस्करण बना सकेंगी, जिससे बाजार में इसकी कीमत में भारी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि इससे यह महंगी दवा अब आम लोगों की जेब के अनुकूल हो जाएगी, जिससे मधुमेह के उपचार में एक बड़ी क्रांति आएगी।

स्वस्थ जीवनशैली ही असली बचाव

दवाओं की जानकारी देने के साथ-साथ डॉ. तेजस्वी ने छात्रों और शिक्षकों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सख्त सलाह दी। उन्होंने नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल दवाओं पर निर्भर रहने के बजाय जागरूकता और सही जीवनशैली अपनाकर ही मधुमेह जैसी बीमारियों को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने आस्था फाउंडेशन और डॉ. तेजस्वी की इस पहल की सराहना की और इसे स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।