डॉ प्रेम कुमार ने सिडनी में ऑस्ट्रेलियाई सांसदों के साथ शिष्टाचार भेंट कर किया संसदीय संवाद

बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार ने अपने ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान सिडनी में ऑस्ट्रेलियाई संसद का भ्रमण करने के उपरांत ऑस्ट्रेलियाई अटॉर्नी जनरल श्री माइकल डेली , माननीय ऑस्ट्रेलियाई मंत्री श्री जिहाद डिब , माननीय ऑस्ट्रेलियाई सांसद

सिडनी : बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार ने अपने ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान सिडनी में ऑस्ट्रेलियाई संसद का भ्रमण करने के उपरांत ऑस्ट्रेलियाई अटॉर्नी जनरल श्री माइकल डेली , माननीय ऑस्ट्रेलियाई मंत्री श्री जिहाद डिब , माननीय ऑस्ट्रेलियाई सांसद गण श्री स्टीफन बलि , श्री मार्क हॉजेस , श्री ह्यू मैकडरमॉट एवं श्री वॉरेन किर्बी के साथ एक शिष्टाचार भेंट कर संसदीय संवाद किया।

इस दौरान उन्होंने कहा कि आप सभी के बीच उपस्थित होना मेरे लिए अत्यंत हर्ष का विषय है। बिहार विधानसभा की ओर से मैं आप सभी का हार्दिक अभिनंदन करता हूँ। आज भारत तीव्र आर्थिक परिवर्तन के दौर से गुज़र रहा है। भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल इकोनॉमी, टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और कनेक्टिविटी के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति का साक्षी बन रहा है।विश्व बैंक के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत की वास्तविक अर्थव्यवस्था (रियल इकोनॉमी) 7.6 प्रतिशत की दर से बढ़ी है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और उसकी निरंतर बढ़ती क्षमता को दर्शाता है। इस विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण पहलू हमारे राज्यों की प्रगति है, और आज मैं विशेष रूप से बिहार के संबंध में बात करना चाहूँगा।

बिहार की सबसे बड़ी ताकत हमारी युवा आबादी, प्रतिभाशाली मानव संसाधन, कृषि क्षमता और उद्यमशीलता की भावना है।बिहार के माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार सड़कों और पुलों, कनेक्टिविटी, उद्योग, निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कृषि, कौशल विकास और रोज़गार जैसे क्षेत्रों में विकास को नई गति दे रहा है।डबल-इंजन सरकार के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय विकास परियोजनाओं को गति देने में मददगार साबित हो रहा है। हमारा उद्देश्य स्पष्ट है—आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण करना, निवेश को आकर्षित करना, उद्योगों को बढ़ावा देना और बिहार के युवाओं के लिए बेहतर अवसर पैदा करना। 

इसी धरातल पर हम बिहार और ऑस्ट्रेलिया के बीच सहयोग के व्यापक अवसर देखते हैं। इस दृष्टिकोण से मैं ऑस्ट्रेलियाई संसद के आदरणीय सदस्यों को भारत-ऑस्ट्रेलिया सहयोग के अगले चरण में बिहार को एक महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में देखने के लिए आमंत्रित करता हूँ। मेरा दृढ़ विश्वास है कि आज की हमारी यह बातचीत न केवल भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच, बल्कि बिहार और ऑस्ट्रेलिया के बीच भी एक मजबूत और दीर्घकालिक साझेदारी की नींव बन सकती है।