बिहार के इंजीनियर का दिल्ली में जलवा: अधीक्षण अभियंता डॉ. सुनील कुमार चौधरी को प्रतिष्ठित 'विश्वकर्मा पुरस्कार'

बिहार पथ निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता डॉ. सुनील कुमार चौधरी को दिल्ली में 'विश्वकर्मा पुरस्कार' से नवाजा गया। आपदा प्रबंधन और इंफ्रास्ट्रक्चर में उत्कृष्ट कार्यों के लिए मिला यह सम्मान।

Patna - : बिहार के पथ निर्माण विभाग में तैनात अधीक्षण अभियंता डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का मान बढ़ाया है। बुनियादी ढांचा विकास, पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें प्रतिष्ठित 'विश्वकर्मा पुरस्कार' से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली के जनपथ स्थित डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित एक भव्य समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।

'पब्लिक ऑफिसर' श्रेणी में मिला सर्वोच्च सम्मान

डॉ. सुनील कुमार चौधरी को यह पुरस्कार 'पब्लिक ऑफिसर' (सार्वजनिक अधिकारी) श्रेणी में दिया गया है। उन्होंने भवन निर्माण, सड़क, पुल और आपदा प्रबंधन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं में नेतृत्वकारी भूमिका निभाई है। कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री डेवलपमेंट काउंसिल (CIDC) द्वारा दिया जाने वाला यह पुरस्कार भारत के निर्माण और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के क्षेत्र में सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक माना जाता है।

भूकंप रोधी तकनीक और आपदा प्रबंधन पर विशेष कार्य

डॉ. चौधरी ने भवनों और पुलों की भूकंप रोधी क्षमता बढ़ाने तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने के लिए पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को बढ़ावा देने में अभिनव कार्य किए हैं। वे लंबे समय से 'डिजास्टर रेजिलिएंट' और 'कॉस्ट इफेक्टिव' टेक्नोलॉजी को समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए कटिबद्ध रहे हैं। डॉ. चौधरी के अब तक 235 शोध पत्र प्रतिष्ठित जर्नल्स में प्रकाशित हो चुके हैं और यह उनका 28वां अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय पुरस्कार है।

CIDC: निर्माण क्षेत्र की सर्वोच्च संस्था

बता दें कि यह पुरस्कार देने वाली संस्था CIDC, भारत सरकार के योजना आयोग (अब नीति आयोग) द्वारा स्थापित एक सर्वोच्च निकाय है। इसका मुख्य उद्देश्य देश में निर्माण गतिविधियों को पेशेवर बनाना, गुणवत्ता में सुधार करना और तकनीकी उन्नयन के साथ-साथ नीति निर्धारण में मदद करना है। डॉ. चौधरी की इस उपलब्धि ने बिहार अभियंत्रण सेवा के गौरव को राष्ट्रीय पटल पर स्थापित किया है।

"आत्मनिर्भर बिहार के निर्माण की दिशा में मिलेगी प्रेरणा"

पुरस्कार ग्रहण करने के बाद खुशी जाहिर करते हुए डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने कहा, "यह सम्मान मुझे आपदा रोधी समाज और आत्मनिर्भर बिहार के निर्माण की दिशा में और अधिक सार्थक प्रयास करने के लिए प्रेरित करेगा।" उन्होंने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि वे विज्ञान और तकनीक के लाभ को आम जनमानस तक पहुँचाने के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे।

कविता के माध्यम से दिया 'बिहारी गौरव' का संदेश

समारोह के दौरान डॉ. चौधरी ने कुछ प्रेरक पंक्तियों के माध्यम से बिहार के इंजीनियरों की मेधा और संघर्ष को रेखांकित किया:

"बिहार के हम अभियंता, आसमान है हद हमारी, जानते हैं चाँद सूरज, ज़िद हमारी जद हमारी। हम वही जो शून्य में भी, शून्य रचते हैं निरंतर, ट्रेन्चलेस टेक्नोलॉजी का पैगाम ले आए हैं हम, हम बिहारी हैं, मगर हर क्षेत्र में छाए हैं हम।"